14 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: मैथिली ठाकुर: संघर्ष से सफलता तक का सफर, जानिए कैसी है उनकी दिनचर्या और जीवनशैली
लोकगायिका मैथिली ठाकुर आज देश की सबसे लोकप्रिय युवा संगीत कलाकारों में गिनी जाती हैं। उनकी आवाज़ न सिर्फ सोशल मीडिया पर लोगों को मंत्रमुग्ध करती है, बल्कि बड़े-बड़े स्टेज शो के जरिए वे लाखों की कमाई भी करती हैं। लेकिन उनकी इस चमकदार सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष, अथक अभ्यास और बेहद अनुशासित जीवनशैली छिपी है।
संगीत में संघर्ष से शुरुआत
मैथिली ने बहुत छोटी उम्र से संगीत सीखना शुरू किया। परिवार ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद तीनों भाई-बहनों—मैथिली, ऋषि और अयाची—को संगीत की शिक्षा दिलाई। शुरुआती दिनों में कई स्टेज शो और प्रतियोगिताओं में भाग लेना, घंटों रियाज़ करना और सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाना उनके सफर का कठिन हिस्सा रहा।
धीरे-धीरे उनकी मधुर आवाज़ और शास्त्रीय संगीत पर पकड़ ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
सियासत तक पहुँचने की कहानी
संगीत जगत में पहचान बनाने के बाद मैथिली कई सामाजिक और सांस्कृतिक अभियानों से जुड़ीं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता और लोकगीतों के संरक्षण में योगदान ने उन्हें राजनीतिक चर्चाओं में भी जगह दिलाई। कई राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी और सांस्कृतिक प्रभाव के कारण वे समय-समय पर सुर्खियों में रहती हैं।
कैसी है मैथिली ठाकुर की दिनचर्या?
उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित है—
रोजाना कई घंटे का रियाज़
शास्त्रीय संगीत के लिए मैथिली रोज़ सुबह और शाम लंबा रियाज़ करती हैं।
स्वर और breathing अभ्यास
आवाज़ को स्थिर और मजबूत रखने के लिए वे नियमित रूप से वॉयस ट्रेनिंग और श्वास अभ्यास करती हैं।
फिटनेस का भी पूरा ध्यान
हल्का योग, प्राणायाम और वॉक उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
रील्स और रिकॉर्डिंग से भरा शेड्यूल
गीतों की रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया कंटेंट और लाइव सेशन उनके रोज़ के काम हैं।
एक शो से लाखों की कमाई
लोकप्रियता बढ़ने के साथ मैथिली की स्टेज परफॉर्मेंस फीस भी बढ़ी है। आज वे देश-विदेश में कार्यक्रम करती हैं और एक शो से लाखों की कमाई कर लेती हैं।
लेकिन वे हमेशा कहती हैं कि उनकी सफलता की असली नींव नियमित रियाज़ और मेहनत है।
साधारण लेकिन सुसंस्कृत जीवनशैली
भले ही मैथिली आज बड़ी स्टार बन चुकी हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली बेहद सरल है।
वे परिवार के साथ रहना पसंद करती हैं।
उनकी ड्रेसिंग सरल भारतीय परिधान पर आधारित रहती है।
सोशल मीडिया पर भी उनका फोकस संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देना है।
कुल मिलाकर, मैथिली ठाकुर का सफर बताता है कि अनुशासन, रियाज़ और संघर्ष से ही सफलता की कहानी लिखी जाती है—और आज वही उन्हें भारत की सबसे पसंदीदा लोकगायिकाओं में शामिल करता है।













