हुड्डा का बड़ा आरोप: बीजेपी ने वोट के लिए बनाए लाखों राशन कार्ड, चुनाव के बाद काटे गए 41 लाख कार्ड

02 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Haryana Desk:  पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव में वोट पाने के लिए लाखों फर्जी राशन कार्ड बनवाए थे। उनके अनुसार, 2020-21 में हरियाणा में राशन कार्ड 11,09,865 थे, जो 2022-23 में बढ़कर 26,40,475 और 2024 में 51,96,380 हो गए। इसी तरह लाभार्थियों की संख्या 52,40,111 से बढ़कर 2,13,00,000 तक पहुंच गई। यानी लगभग 80 प्रतिशत हरियाणवियों को बीजेपी ने बीपीएल घोषित किया।

हुड्डा ने बताया कि चुनाव के बाद पूरे देश में 41 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए, जिनमें हरियाणा में सबसे अधिक 13,43,474 कार्ड काटे गए। इससे 70 लाख से अधिक लोगों का राशन बंद हो गया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जनता के साथ वोट के लिए धोखा किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की सभी 85 लाख महिलाओं को 2,100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल 5 लाख महिलाओं को ही यह राशि देने की बात हो रही है।

भूपेंद्र हुड्डा ने भर्तियों में हरियाणवी युवाओं के साथ होने वाले अन्याय का भी जिक्र किया। उन्होंने कई उदाहरण पेश किए, जैसे हरियाणा पावर यूटिलिटीज असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती में 214 उम्मीदवारों में केवल 29 हरियाणा डोमिसाइल वालों का चयन हुआ। HPSC की अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में केवल 8 प्रतिशत हरियाणवी चुने गए। SDO इलेक्ट्रिकल, लेक्चरर ग्रुप-बी टेक्निकल एजुकेशन और अन्य कई भर्ती प्रक्रियाओं में बाहरी उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई।

किसानों के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि MSP का सही भुगतान नहीं किया जा रहा। धान का सरकारी रेट 2,389 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन किसानों से 1,500-2,000 रुपये में खरीदा गया। बाजरा, मूंग और कपास जैसी फसलों पर भी MSP लागू नहीं किया गया।

फरीदाबाद में हुई गैंगरेप की घटना पर हुड्डा ने गहरा रोष जताया और कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था नाममात्र की है। उन्होंने आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई, बताया कि प्रदेश का कर्ज बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और औद्योगिक क्षेत्र लगातार घट रहा है।

खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हुड्डा ने भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्टेडियम जर्जर हो गए हैं, खेल अकादमियां बंद हो गई हैं और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया।

अरावली मुद्दे पर हुड्डा ने सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान का स्वागत किया और कहा कि विधानसभा में सरकार चर्चा से भाग रही है। उन्होंने कहा कि अरावली उत्तर भारत के फेफड़े हैं और इसका विनाश पूरे क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों और देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी।