02 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: हिंदू धर्म में होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और होलिका दहन की कथा हमें यह संदेश देती है कि सत्य और श्रद्धा की हमेशा विजय होती है। वर्ष 2026 में 2 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी।यदि आप घर पर विधि-विधान से होलिका पूजन करना चाहते हैं, तो यहां आसान भाषा में पूरी प्रक्रिया दी गई है।
🔸 होलिका दहन 2026 का शुभ मुहूर्त
2 मार्च 2026
शाम 06:22 बजे से रात 08:53 बजे तक
कुल अवधि: 2 घंटे 28 मिनट
ध्यान रखें कि पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में करना शुभ माना जाता है।
🔸 पूजन सामग्री की सूची
होलिका पूजन के लिए निम्न सामग्री तैयार रखें:
जल से भरा लोटा
रोली
अक्षत (चावल)
अगरबत्ती
फूल
सूती धागा
गुड़
साबुत हल्दी
मूंग
बताशे
नारियल
गोबर से बनी माला (यदि उपलब्ध हो)
पूजा स्थान को पहले साफ कर लें, इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
🔸 घर पर होलिका पूजन की विधि
सूर्यास्त के बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
सबसे पहले भगवान गणेश और देवी मां का स्मरण करें।
होलिका पर जल अर्पित करें।
सूती धागा तीन या सात बार होलिका के चारों ओर लपेटें।
रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें।
a“ॐ होलिकायै नमः” और “ॐ प्रह्लादाय नमः” मंत्र का जाप करें।
अंत में अग्नि की परिक्रमा करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
🔸 पूजन का महत्व
घर की नकारात्मकता दूर होती है
मानसिक शांति मिलती है
परिवार में सुख-समृद्धि आती है
आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
ज्योतिष मान्यता के अनुसार, होलिका की अग्नि में अपनी बुराइयों और चिंताओं का त्याग करने से जीवन में नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होता है।
श्रद्धा और सही मुहूर्त के साथ किया गया पूजन ही पूर्ण फलदायी माना जाता है।













