हिसार जिले के उकलाना में सोमवार दोपहर बाद गांव किनाला में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के फानों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 25-30 एकड़ में खड़े गेहूं की फसल के फाने जलकर राख हो गए। आग लगने का कारण स्पष्
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ग्रामीणों ने बुझाने का किया प्रयास
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। स्थानीय किसानों ने ट्रैक्टरों की मदद से खेत जोतकर आग को फैलने से रोकने की कोशिश की। साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। कुछ ही समय में फायर ब्रिगेड कर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

ट्रैक्टर से आग बुझाने की कोशिश करता किसान।
फसल चपेट में आने से बची
बताया जा रहा है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो आसपास के खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ फसल भी इसकी चपेट में आ सकती थी, जिससे भारी नुकसान होता। ग्रामीणों और किसानों की तत्परता से एक बड़ी आपदा टल गई।
पशु चारे के लिए मुश्किलें होगी
पीड़ित किसानों ने बताया कि उन्होंने छह महीने की मेहनत से गेहूं की यह फसल तैयार की थी, जिसके फाने आग की भेंट चढ़ गए हैं और उन्हें अब पशु चारे के लिए मुश्किलें होगी। उनका कहना है कि यह नुकसान उनकी साल भर की आय का मुख्य स्रोत है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि आगजनी की इस घटना में प्रति एकड़ 30 हजार रुपए के हिसाब से मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपनी आजीविका को दोबारा पटरी पर ला सकें।












