हिसार के सेक्टर 1-4 निवासी सोनिका ने अपने पति जेई नरेश कुमार, ससुर इंद्र बूरा और सास रोशनी देवी पर मारपीट कर जबरन घर से निकालने के आरोप लगाए हैं। सोनिया ने इस संबंध में एचटीएम थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने तीनों पर केस दर्ज कर लिया है।
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सोनिया ने बताया कि 2009 में नरेश कुमार के साथ उसकी शादी हुई थी तब से वह हिसार के विद्युत नगर में रह रहे हैं। सोनिका ने बताया कि वह खुद वर्ष 2012 से शिक्षा विभाग हरियाणा में लिपिक के पद पर है। नौकरी लगने के बाद उसके पति और उसने दोनों ने अपना वेतन शुरू से ही ससुर के हाथों में लाकर दिया है।
इसके बाद 2019 से वह अपने सेक्टर 1-4 के मकान में रह रहे हैं मगर अब परिवार घर खाली करवाकर दोबारा सरकारी आवास में शिफ्ट करने का दबाब बना रहा है जब उसने मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई और घर के बाहर सामान फेक दिया गया। सोनिका ने बताया कि उसके दो बच्चे लड़की 13 वर्ष व बेटा 10 साल का है।

पुलिस को दी शिकायत में जेई की पत्नी ने क्या आरोप लगाए… 1. सोनिका की जेई से 16 साल पहले शादी हुई थी सोनिका ने बताया कि उसकी शादी 12 नवंबर 2009 को नरेश बूरा के साथ हुई थी। उस समय मेरे ससुर इन्द्र सिंह बूरा अपने परिवार सहित विद्युत नगर कालोनी हिसार में सरकारी आवास संख्या -43, टाईप थ्री में रहते थे। बाद में उन्होंने सरकारी आवास नंबर 2, टाइप IV अलॉट करवा लिया। इस आवास में, मैं मेरे सास-ससुर रोशनी देवी व इन्द्र सिंह बूरा, पति नरेश कुमार के साथ रहने लगी। मेरी ननंद मंजू देवी की शादी पहले हो चुकी थी। वह भी समय-समय पर हमारे पास आकर रहती थी।
2. ससुर 2017 में रिटायर हुए, बेटा जेई लग गया सोनिका ने बताया कि उसके ससुर इन्द्र सिंह वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हो गए। मेरे पति नरेश कुमार DHBVN हिसार में एक्सईएन कनिष्ठ अभियन्ता(जेई) के पद पर कार्यरत थे। ससुर ने उपरोक्त आवास अपने पुत्र व मेरे पति नरेश कुमार के नाम अलॉट करवा लिया।
हमारा परिवार ससुर की रिटायरमेंट के बाद भी विद्युत नगर हिसार के आवास टाइप IV में रहता रहा। यहां पर रहते हुए मेरे दो बच्चे बेटी व बेटा हुए। मेरे पति पहले BSF में कार्यरत थे। उसके बाद उन्होंने वर्ष 2003 में DHBVN हरियाणा में जेई की नौकरी जॉइन कर ली।

3. पति जेई और मैं 2012 से क्लर्क हूं सोनिका ने बताया कि वर्तमान में उसके पति हिसार में JE-1 के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2012 में मेरा भी शिक्षा विभाग हरियाणा में लिपिक के पद पर चयन हो गया था। इन दोनों पति पत्नी का वेतन भी संयुक्त परिवार होने के नाते मेरे ससुर स्वयं संभालते व अपने पास रखते हैं।
मेरी शादी के करीब एक वर्ष बाद मेरे ससुर ने परिवार की जमा पूंजी में से वर्ष 2010 में सेक्टर 1-4 से एक प्लाट नंबर 245 खरीद किया था। उन्होंने स्टाम्प फीस की बचत के लिए यह प्लाट वर्ष 2017 में महिला कटेगरी में मेरी सास रोशनी देवी के नाम अलॉट करवा दिया।
4. 2019 से सेक्टर 1-4 के मकान में रह रहे सोनिका ने बताया कि 2019 के बाद से ही मेरी सास, मेरे ससुर, मेरे पति व मैं बच्चों सहित सेक्टर 1-4 के मकान में शिफ्ट हो गए थे। मेरे ससुर ने जानबूझकर साजिश के तहत विद्युत नगर के सरकारी आवास टाइप-IV की मेरे पति नरेश कुमार को वेकेशन नहीं देने दी।
मेरे सास-ससुर व मेरे पति नहीं चाहते कि मैं सेक्टर 1-4 में रहूं। वह बार-बार मेरे ऊपर मकान के बजाय विद्युत नगर के सरकारी आवास में रहने का दबाव बनाते रहते हैं, लेकिन मैने आवास छोड़ने से मना कर दिया है।

5. 22 मार्च को घर से सामान बाहर फेंक दिया सोनिका ने बताया कि 22 मार्च को दोपहर में मैं कमरे में मेरी बेटी को पेपर की तैयारी करवा रही थी। मेरे ससुर मेरे कमरे में आए और उन्होंने मुझे कमरे से बाहर निकाल दिया। मेरी सास रोशनी देवी ने मेरे सामान को बाहर फेंक दिया। मेरे पति नरेश कुमार ने दोनों बैड रूम के ताला लगा दिया।
मैं अपनी बेटी के साथ लॉबी ने दीवान पर बैठ गई। इसी दौरान मेरे मामा का लड़का विवेक सिंधु मुझे मिलने के लिए मेरे घर आ गया। मेरी सास रोशनी देवी, मेरे ससुर इन्द्र सिंह व मेरे पति नरेश कुमार ने मेरे भाई (मामा के लड़के) को सख्त लहजे में कहा कि हम सोनिका व इसकी बेटी को इस घर में नहीं रहने देंगे।
6. घर में पानी तक नहीं पीने दिया और मारपीट की सोनिक ने बताया कि मेरे भाई विवेक ने ससुराल वालों को कहा कि ऐसा अन्याय मत करो। यह आपके घर की बहु है। उस समय लगभग शाम के 5:30 बजे का समय था। मैंने रसोई में से एक कटोरी उठा कर पानी पीना चाहा। मेरे पति नरेश कुमार ने मुझ से कटोरी छीन ली और कटोरी के साथ मेरे सिर पर ताबड़ तोड़ वार किए।
मेरी बेटी रोने लगी और मुझ पर गिर गई। मेरी सास रोशनी देवी ने मेरी बेटी को थप्पड़ मारे और मुझे बाल पकड़ कर घसीटा और मेरी कमर में लात मारी। मेरे ससुर ने मुझे लातों, घुसों से बुरी तरह मारा। तीनों ने बारी- बारी मुझे जान से मारने की धमकी दी। मैं सहम गई व डर गई।
7. भाई ने परिवार वालों को सूचना दी सोनिका ने बताया कि इसके बाद मेरे भाई विवेक ने मेरे घरवालों को सूचना दी। मैं इन तीनों की पिटाई के कारण अचेत व बेहोश हो गई। मुझे काफी देर बाद होश आया। तीनों ने मुझे व मेरी बेटी को ससुर के कमरे में बन्द कर दिया और कहा कि या तो खुद यह घर छोड़ कर चली जा वरना तुझे व तेरी बेटी को जान से मार देंगे। मैं इससे डर गई। इन्होंने मेरे बेटे को भी डरा धमका कर उसका मानसिक संतुलन खराब कर रखा है। वह हर समय डरा-डरा व सहमा रहता है।
8. बंद कमरे से डायल 112 पर फोन किया सोनिक ने बताया कि कमरे के अंदर से हमने 112 नंबर पर कॉल कर दी। थोड़ी देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस आने के बाद इन लोगों ने कुंडी खोलकर हमें बाहर निकाला। इसके बाद मेरा भाई अमित कुमार भी मौके पर पहुंच गया था। रात को वह मेरे पिता के घर ले गया। मैं सारी रात दिमागी तौर पर परेशान रही। अगले दिन मेरे पिता राजकुमार श्योकन्द मुझे सामान्य अस्पताल हिसार लेकर गए। 24 मार्च को मुझे अस्पताल से छुट्टी मिल गई।











