Hisar-asha-workers-protest-march-demands-incentive-increase-permanent-status-update | हिसार में आशा वर्कर्स ने सचिवालय तक निकाला मार्च: न्यूनतम वेतन और स्थायी नियुक्ति की मांग, सरकार के खिलाफ नारेबाजी – Hisar News

हिसार में लघु सचिवालय तक मार्च निकालते हुए आशा वर्कर्स।

हिसार में आशा वर्कर्स एंड फेसिलिटेटर ने अपनी लंबित मांगों को लेकर लघु सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी गेट नंबर 4 से होते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन की जिला सच

12 वर्षों से प्रोत्साहन राशि नहीं बढ़ाई

अनीता ने कहा कि सरकार आशा वर्कर्स के काम को महत्वपूर्ण मानती है, लेकिन पिछले 12 वर्षों से प्रोत्साहन राशि नहीं बढ़ाई गई है। फील्ड में स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के साथ-साथ बिना अतिरिक्त भुगतान के डिजिटल कार्य भी करवाया जा रहा है। आशा वर्कर्स की प्रमुख मांगों में 2023 की हड़ताल के दौरान काटे गए 73 दिनों के मानदेय का तुरंत भुगतान शामिल है।

आकस्मिक एवं चिकित्सा छुट्टी शामिल

साथ ही एनएचएम को स्थायी प्रोग्राम बनाकर उन्हें पक्का कर्मचारी बनाने और 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन देने की मांग की गई है। अन्य मांगों में 6 माह का सवेतन मातृत्व छुट्टी, 20 दिन का आकस्मिक छुट्टी और चिकित्सा छुट्टी शामिल हैं। वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, सभी पीएचसी/सीएचसी और अस्पतालों में आशा विश्राम कक्ष की स्थापना भी मांगों में शामिल है। इसके अलावा स्कूटर और यात्रा व्यय की मांग भी की गई है।

देशभर में आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो पूरे देश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। डिजिटलीकरण के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले टैबलेट, डेटा पैक, नेटवर्क और प्रशिक्षण उपलब्ध करवाई जाए।सभी तरह के ऑनलाइन काम के आशा वर्कर्स को इंसेंटिव दिए जाएं। सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे और अस्पतालों सहित सभी बुनियादी सेवाओं के निजीकरण के प्रस्ताव पर रोक लगाई जाए।

चार श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए l आशा वर्करों को श्रम कानूनों के दायरे में शामिल किया जाए l