हिमाचल विधानसभा में बजट पेश करते CM सुखविंदर सुक्खू।
हिमाचल के CM सुखविंदर सुक्खू ने सोमवार को बतौर वित्तमंत्री प्रदेश की कांग्रेस सरकार का तीसरा बजट पेश किया। कुल 58,514 करोड़ का बजट पेश किया गया, जो पिछली बार से 70 करोड़ ज्यादा है। CM ने 2 घंटे 55 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा।
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यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समाज के कमजोर तबके पर केंद्रित है। CM सुक्खू ने सरकारी विभागों में नाममात्र मानदेय पर काम कर रहे सवा लाख से ज्यादा अस्थाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया है। 40 हजार से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय भी बढ़ाकर 12750 किया।
आर्थिक संकट के बावजूद सवा दो लाख कर्मचारियों और डेढ़ लाख पेंशनरों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया गया। 70 साल से अधिक उम्र के पेंशनरों का 1 जनवरी 2016 से लंबित पे-स्केल के एरियर का भुगतान भी एकमुश्त करने का ऐलान किया गया।
CM ने शहरी क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों, जिनका 10 लाख से कम का सालाना टर्नओवर है, उनके लोन चुकाने के लिए 50 फीसदी ब्याज सरकार द्वारा चुकाने का ऐलान किया है। इसी तरह जिन किसानों ने तीन लाख तक का लोन ले रखा था और उसका भुगतान नहीं कर पाने की वजह से उनकी जमीन की नीलामी की नौबत आ गई थी, ऐसे किसानों के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाकर मूलधन पर ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकार ने देने का ऐलान किया।
गाय व भैंस के दूध में 6 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का सीएम ने ऐलान करके हजारों पशुपालकों को बड़ी राहत दी है। इसी तरह 21 साल की उम्र पूरा करने वाली लड़कियों को 1500 रुपए की घोषणा करके मुख्यमंत्री ने चुनावी वादा पूरा करने की दिशा में पहल की है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस बजट में 25 हजार नौकरियां देने की भी घोषणा की। राज्य के पंचायत और शहरी निकाय के 50 हजार से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का मानदेय भी 300 से 1000 रुपए प्रति माह बढ़ाया गया है। इस बार के बजट में 10 नई योजनाएं भी शुरू करने का ऐलान किया गया।





बजट में किसके लिए क्या…









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