Himachal News: Sanjauli Shimla Masjdi mosque controversy MC commissioner court | संजौली मस्जिद मामले में निगम आयुक्त कोर्ट में सुनवाई: मालिकाना हक के लिए वक्फ बोर्ड को देने होंगे दस्तावेज, फाइनल जजमेंट जल्दी आने की उम्मीद – Shimla News

शिमला की संजौली मस्जिद को तोड़ते हुए मजदूर

शिमला नगर निगम आयुक्त कोर्ट में आज संजौली मस्जिद मामले में सुनवाई होगी। निगम आयुक्त संजौली मस्जिद केस में आज फाइनल फैसला सुना सकते हैं, क्योंकि हिमाचल हाईकोर्ट ने 8 मई तक इस केस का निपटारा करने के आदेश दे रखे है। ऐसा नहीं करने पर निगम के खिलाफ अवमानन

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बता दें कि निगम आयुक्त ने बीते साल 5 अक्टूबर को संजौली मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिल तोड़ने के आदेश दे रखे है। निचली दो मंजिल को लेकर केस अभी निगम आयुक्त कोर्ट में विचाराधीन है। यह केस 16 साल से चल रहा है। इसे जल्दी निपटाने की मांग को लेकर संजौली मस्जिद के आसपास के लोकल रेजिडेंट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

शिमला के चक्कर स्थित जिला अदालत

शिमला के चक्कर स्थित जिला अदालत

लोकल रेजिडेंट की याचिका पर ही हाईकोर्ट ने इस केस का जल्द निपटारा करने के आदेश निगम आयुक्त को दे रखे है। बीते साल भी 21 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने 8 सप्ताह के भीतर निगम आयुक्त को केस निपटाने के आदेश दिए थे। मगर तब निगम आयुक्त ऐसा नहीं कर पाए। इसके खिलाफ लोकल रेजिडेंट ने एक्जीक्यूशन पिटिशन दायर की। इसका निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने दूसरी बार 8 मई तक की डेडलाइन दी है।

वक्फ बोर्ड जमीन के मालिकाना हक को लेकर देगा जवाब

वहीं निगम आयुक्त कोर्ट में हिमाचल वक्फ बोर्ड को आज मस्जिद की जमीन पर मालिकाना हक का जवाब देना है। पिछली सुनवाई में निगम आयुक्त ने मालिकाना हक साबित करने के लिए दस्तावेज पेश करने को कहा है।

हाईकोर्ट के आदेशों पर आज उम्मीद की जा रही है कि जल्द संजौली मस्जिद की निचली दो मंजिल को लेकर भी अदालत अपना फैसला सुनाएगी। ऊपर की तीन मंजिल को तोड़ने का काम जारी है। अब निचली दो मंजिल को लेकर अदालत के फैसले पर सबकी नजरे टिकी है।

16 साल से निगम आयुक्त कोर्ट में चल रहा केस

संजौली मस्जिद मामला 16 सालों से निगम आयुक्त कोर्ट में चल रहा है। संजौली मस्जिद के कारण बीते साल पूरे प्रदेश में बवाल मच गया था। शिमला के मल्याणा में 31 अगस्त को एक समुदाय के लोगों द्वारा स्थानीय व्यक्ति की पिटाई करने के बाद इस मामले में तूल पकड़ा था। इसके बाद प्रदेश के सभी शहरों में प्रदर्शन किए गए।

इसके बाद मंडी की मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़ने के भी आदेश नगर निगम आयुक्त मंडी द्वारा दिए गए। प्रदेश में मस्जिद और मजार के खिलाफ जगह जगह प्रदर्शन किए गए।