Himachal News: Kangra Police Big Action Against Tobacco Dharmshala | कांगड़ा पुलिस की 25 शैक्षणिक संस्थानों में छापेमारी: 3 टन से ज्यादा तंबाकू उत्पाद जब्त, 115 दुकानदारों के चालान काटे, 6 पर FIR – Dharamshala News

कांगड़ा पुलिस ने शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास विशेष अभियान चलाकर तंबाकू पदार्थ जब्त किए।

हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा पुलिस ने शिक्षण संस्थानों के आसपास अवैध तंबाकू बिक्री रोकने के लिए गुरुवार को विशेष अभियान चलाया। पुलिस ने जिले के 25 स्थानों के आसपास की दुकानों में छापेमारी की। इस दौरान 1480 किलो प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद और करीब 1.5 टन अन्

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इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 115 दुकानदारों के चालान भी काटे गए। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश प्रॉहिबिटेशन ऑफ सेल ऑफ लूज सिगरेट एंड बीड़ी एक्ट, 2016 के तहत छह एफआईआर भी दर्ज की है। पुलिस की इस कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

कांगड़ा पुलिस शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास तंबाकू पदार्थ जब्त करते हुए।

कांगड़ा पुलिस शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास तंबाकू पदार्थ जब्त करते हुए।

शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने पर रोक

बता दें कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए), 2003 के तहत 18 साल से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर रोक है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।

सरकारी अधिकारियों ने इन प्रावधानों को अवैध तंबाकू व्यापार पर सख्त नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया है।

कांगड़ा पुलिस शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास तंबाकू पदार्थ जब्त करते हुए।

कांगड़ा पुलिस शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास तंबाकू पदार्थ जब्त करते हुए।

बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पाद बेचने की इजाजत नहीं प्रदेश में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के खुली सिगरेट बेचने पर पहली बार 10 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। दोबारा अपराध करने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना देना होता है। अब सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों का रिटेल कारोबार करने वाले हर व्यक्ति को अधिकृत अधिकारी के पास पंजीकरण करवाना होता है, जिसकी अवधि तीन सालों की है।

इसका नवीनीकरण जरूरी होता है। बिना पंजीकरण के तंबाकू उत्पादों का व्यापार करने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना और तीन माह के कारावास का प्रावधान है। दूसरी बार अपराध करने पर एक साल का कारावास और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।