हिमाचल हाईकोर्ट का अनुराग शर्मा के राज्यसभा चुनाव पर नोटिस, 21 मई तक मांगा जवाब

26 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Himachal Desk: Himachal Pradesh High Court ने राज्यसभा सांसद Anurag Sharma के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम कदम उठाया है। अदालत ने सांसद के साथ-साथ Election Commission of India, केंद्र सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार और संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को नोटिस जारी किया है और सभी पक्षों को 21 मई 2026 तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश G. S. Sandhawalia और न्यायमूर्ति B. C. Negi की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया।

क्या है मामला?

याचिकाकर्ता Vinay Sharma ने आरोप लगाया है कि अनुराग शर्मा राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। उनका दावा है कि नामांकन के समय उनके पास सरकार के साथ कई सक्रिय अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) थे।

याचिका में Representation of the People Act, 1951 की धारा 9ए का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास नामांकन के समय सरकार के साथ सक्रिय अनुबंध हो, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जा सकता है।

याचिका में लगाए गए आरोप

  • नामांकन के समय अनुराग शर्मा के पास 7 सक्रिय सरकारी अनुबंध थे
  • रिटर्निंग अधिकारी ने इन तथ्यों की सही जांच नहीं की
  • इसी आधार पर उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया

याचिकाकर्ता ने अदालत से चुनाव को रद्द और अमान्य घोषित करने की मांग की है।

अनुबंधों को लेकर विवाद

याचिका के अनुसार, अनुराग शर्मा ने अपने हलफनामे में लगभग 23.64 करोड़ रुपये के सरकारी अनुबंधों का खुलासा किया था। इनमें से करीब 12.58 करोड़ रुपये के दो अनुबंध नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले, 19 फरवरी को दिए गए बताए गए हैं।

अन्य शिकायतें भी दर्ज

इस मामले में Bharatiya Janata Party की ओर से भी निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें संपत्ति के विवरण छिपाने का आरोप लगाया गया है।

आगे क्या?

फिलहाल मामला शुरुआती सुनवाई के चरण में है। सभी पक्षों के जवाब दाखिल होने के बाद ही कोर्ट आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगा और स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी।