हिमाचल हाईकोर्ट ने पीटीए शिक्षिका की पुनः नियुक्ति याचिका खारिज की, देरी और निष्क्रियता को बनाया आधार

हिमाचल हाईकोर्ट ने पीटीए शिक्षिका की पुनः नियुक्ति याचिका खारिज की, देरी और निष्क्रियता को बनाया आधार

09 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Himachal Desk: शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पीटीए शिक्षिका द्वारा सेवाओं की पुनः बहाली को लेकर दायर याचिका को लम्बे विलंब और निष्क्रियता के आधार पर खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता कुसुम कुमारी ने पीटीए के तहत प्रवक्ता (संस्कृत) पद पर दोबारा नियुक्ति की मांग करते हुए 22 मई 2014 की अधिसूचना और अश्वनी कुमार शर्मा मामले के फैसले का हवाला दिया था।

न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकल पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की सेवाएं 30 सितंबर 2008 को समाप्त कर दी गई थीं, लेकिन न तो 2014 की अधिसूचना के समय और न ही फैसले के बाद उन्होंने कोई अभ्यावेदन दिया। कोर्ट के अनुसार, पुनः नियुक्ति के लिए पहला आवेदन याचिकाकर्ता ने 5 अगस्त 2025 को दिया, जो अत्यधिक देरी माना गया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि इतने लंबे अंतराल के बाद पुनः नियुक्ति की मांग न्यायसंगत नहीं है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।