हिमाचल कैबिनेट की अहम बैठक 8 फरवरी को, राजस्व घाटा अनुदान बहाली और बजट पर होगा मंथन

03 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Himachal Desk :  16वें वित्तायोग की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसे बहाल कराने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 8 फरवरी को सुबह 11 बजे मंत्रिमंडल बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में केंद्र द्वारा बंद किए गए आरडीजी को बहाल करने से संबंधित प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत केंद्र सरकार राज्यों को राज्य-विशेष अनुदान देती है, जिसे राजस्व घाटा अनुदान कहा जाता है। वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्तायोग तक हिमाचल प्रदेश को यह अनुदान नियमित रूप से मिलता रहा। देश के 17 राज्यों में हिमाचल भी शामिल था, जिसे आरडीजी प्राप्त हो रहा था। मंत्रिमंडल बैठक में ऋण सीमा बढ़ाने और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये जारी करने के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।

सरकार का आकलन है कि हर वर्ष मिलने वाली लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की आरडीजी राशि बंद होने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा। इसी को देखते हुए बैठक में इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और साथ ही कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

16वें वित्तायोग की सिफारिशें 1 फरवरी को केंद्रीय बजट के साथ पेश की गई हैं। इनमें आरडीजी बंद करने के साथ-साथ हिमाचल के लिए जीएसडीपी के तीन प्रतिशत ऋण सीमा में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। इन सिफारिशों को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है।

राज्य सरकार का मानना है कि आरडीजी प्रविधान समाप्त होने से हिमाचल के आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को झटका लगेगा। हालांकि वित्तायोग ने विभाज्य पूल में हिमाचल का हिस्सा 0.830 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.914 प्रतिशत जरूर किया है।

6-7 फरवरी को विधायक प्राथमिकता बैठकें

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 6 और 7 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर विधायक प्राथमिकता बैठकें आयोजित की जाएंगी।

  • 6 फरवरी: सुबह ऊना, हमीरपुर और सिरमौर; दोपहर बाद सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहुल-स्पीति और किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ बैठक।

  • 7 फरवरी: सुबह शिमला और मंडी; दोपहर बाद कांगड़ा और कुल्लू जिलों के विधायकों के साथ चर्चा होगी।

इन बैठकों में विधायक प्राथमिकताओं के निर्धारण के साथ-साथ मितव्ययिता उपायों, वित्तीय संसाधन जुटाने और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े सुझावों पर विचार किया जाएगा।

बजट सुझाव के लिए वेब पोर्टल शुरू

वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट जन अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से वित्त विभाग ने 10 फरवरी तक उद्योग जगत, व्यापारियों, किसान संगठनों और आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके लिए वित्त विभाग की वेबसाइट पर एक विशेष वेब पोर्टल शुरू किया गया है। सुझाव ऑनलाइन के अलावा पत्र के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं, जिनमें संसाधन बढ़ाने, व्यय नियंत्रण और अन्य वित्तीय मुद्दों पर सुझाव शामिल हो सकते हैं।