08 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने से पैदा हुए हालातों के बीच हिमाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की स्वीकृति के बाद चौदहवीं विधानसभा के ग्यारहवें सत्र को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सत्र का शुभारंभ 16 फरवरी को दोपहर 2 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से होगा। इसके बाद शोकोद्गार प्रस्तुत किए जाएंगे और फिर विधायी कार्यों की शुरुआत होगी।
वित्तीय हालात पर विपक्ष के तेवर सख्त
सत्र के दौरान राजस्व घाटा अनुदान और प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने की पूरी संभावना है। ऐसे में सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं। राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
कई अहम विधेयक होंगे पेश
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में विभिन्न विधेयक पेश किए जाएंगे और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। सत्र में सरकार की नीतियों और फैसलों पर भी गहन मंथन होने की उम्मीद है।
विधायकों को भेजी गई सूचना, तैयारियां शुरू
विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए सभी विधायकों को सूचना भेज दी गई है। वहीं, विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक इंतजामों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर आने वाले दिनों में सचिवालय स्तर पर अहम बैठकें की जाएंगी।
सत्र की अवधि अभी तय नहीं
जारी अधिसूचना में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि विधानसभा सत्र कितने दिनों तक चलेगा। जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर बाद सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव राजेश शर्मा और विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा लोक भवन पहुंचे, जहां राज्यपाल की उपस्थिति में सरकार और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा भी मौजूद रहे और इसी दौरान 16 फरवरी से सत्र आयोजित करने की स्वीकृति दी गई।
पिछले वर्ष मार्च में हुआ था बजट सत्र
गौरतलब है कि पिछले वर्ष हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक चला था।













