25 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: भारी बारिश से हिमाचल बेहाल: 628 सड़कें ठप, स्कूल बंद, भूस्खलन-बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हिमाचल प्रदेश में रविवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच राज्य में जगह-जगह भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं।
कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, ऊना, चंबा, कुल्लू और मनाली सहित कई जिलों में सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रहे। लाहौल-स्पीति के केलांग और उदयपुर उपमंडल में भी स्कूलों के ताले नहीं खुले।
सोमवार सुबह 10 बजे तक तीन नेशनल हाईवे समेत 628 सड़कें बाधित रहीं। 1,533 ट्रांसफार्मर ठप और 168 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुईं। मंडी, कुल्लू और चंबा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। राजधानी शिमला में भी रातभर बारिश का सिलसिला जारी रहा।
कई जगह संकट गहराया
चंबा में 54 सड़कें बंद, 409 ट्रांसफार्मर ठप।
ऊना-हमीरपुर रोड भूस्खलन से कई घंटे बंद रहा।
बिलासपुर में किरतपुर-मनाली फोरलेन और पुराना चंडीगढ़-मनाली हाईवे फिर से भूस्खलन की चपेट में आ गए। दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
कालका-शिमला हाईवे पर सनवारा में पहाड़ी से मलबा गिरा।
हमीरपुर-ऊना नेशनल हाईवे (503A) पर कैंची मोड़ में भारी भूस्खलन से लंबा जाम लग गया।
मौतें और नुकसान
मानसून सीजन (20 जून–24 अगस्त) में अब तक 303 लोगों की मौत हो चुकी है, 360 घायल हैं और 37 लापता बताए जा रहे हैं।
148 मौ*तें सड़क हादसों में,
भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने से 3,556 मकान/दुकान क्षतिग्रस्त,
2,766 गोशालाएं ढहीं,
1,833 मवेशियों की मौत,
कुल नुकसान 2,34,862.66 लाख रुपये आँका गया है।
खतरे में लोग और संपत्ति
शिमला के टूटीकंडी में भूस्खलन से बहुमंजिला इमारत खतरे में।
ऊना के बंगाणा क्षेत्र में कई मकान ढहे, खेतों में जलभराव से फसलें चौपट।
बड़सर में शुक्र खड्ड के बीच टापू पर प्रवासी मजदूर फंस गया, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 26 से 31 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है।













