25 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: सर्दियों में आग के अलाव पर हाथ या शरीर को गर्म करना आम आदत है। यह आरामदायक महसूस होता है, लेकिन इसके कुछ गंभीर साइड इफेक्ट भी हैं। हाल ही में कानपुर में एक घटना घटी, जिसमें चार लोग बंद कमरे में कोयला जलाकर सो गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। यह घटना दिखाती है कि बंद कमरे में आग जलाना कितना खतरनाक हो सकता है।
कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा
कोयला या लकड़ी जलने पर कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस बनती है, जो गंधहीन और रंगहीन होती है। यह गैस खून में ऑक्सीजन की जगह ले लेती है, जिससे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती और व्यक्ति सोते हुए दम घुटने से मर सकता है। बिना वेंटिलेशन वाले कमरे में आग जलाना सबसे बड़ा खतरा है।
त्वचा को नुकसान
आग के पास हाथ या शरीर गर्म करने से त्वचा रूखी हो जाती है। लंबे समय तक ऐसा करने पर त्वचा पर काले या जालीदार धब्बे पड़ सकते हैं, जिसे ‘एरिथेमा एब इग्ने’ या ‘टोस्टेड स्किन सिंड्रोम’ कहते हैं।
सांस और हृदय स्वास्थ्य पर असर
बंद या खुले कमरे में कोयला या लकड़ी जलाने से निकलने वाला धुआँ श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक होता है। इसमें मौजूद PM2.5 कण फेफड़ों में सूजन पैदा करते हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और COPD जैसी समस्याएँ बढ़ा सकते हैं। यह हृदय पर भी अनावश्यक दबाव डालता है।
सावधानियाँ:
बंद कमरे या बिना वेंटिलेशन वाली जगह पर आग, कोयला या हीटर न जलाएँ।
रूम हीटर का उपयोग करते समय खिड़की थोड़ी खुली रखें।
आग या हीटर के पास सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि त्वचा को सीधे गर्मी से नुकसान न पहुंचे।
हाथ या शरीर गर्म करने के बजाय गर्म कपड़े, हीटिंग पैड या हर्बल चाय का सेवन करें।
नोट: यह जानकारी मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है।













