28 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: आज के समय में फैटी लिवर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह परेशानी अब सिर्फ शराब पीने वालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ऐसे लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं जो शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करते। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे हमारी रोजमर्रा की कुछ सामान्य लगने वाली आदतें जिम्मेदार हैं।
डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी के अनुसार, जरूरत से ज्यादा मीठे पेय, पैक्ड फ्रूट जूस और शुगर युक्त ड्रिंक्स का सेवन लिवर में फैट जमा करने लगता है। इनमें मौजूद फ्रक्टोज सीधे लिवर पर असर डालता है और धीरे-धीरे उसे कमजोर बना देता है। यही नहीं, ज्यादा नमक वाले जंक फूड जैसे चिप्स, अचार और प्रोसेस्ड स्नैक्स भी लिवर फाइब्रोसिस का खतरा बढ़ा देते हैं।
इसके अलावा, बिना डॉक्टर की सलाह के गिलोय, ग्रीन टी या अन्य नेचुरल सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। शारीरिक गतिविधि की कमी यानी सेडेंटरी लाइफस्टाइल और प्रोसेस्ड मीट में मौजूद नाइट्रेट्स लिवर में सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा देते हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ शराब से दूरी बनाना काफी नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और प्रोसेस्ड फूड से परहेज बेहद जरूरी है। समय रहते आदतों में बदलाव कर लिया जाए तो लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।













