Health Tips: एल्युमिनियम फॉयल में खाना पैक करना सेहत के लिए कितना नुकसानदायक? जान लें इसके गंभीर दुष्प्रभाव

Health Tips: एल्युमिनियम फॉयल में खाना पैक करना सेहत के लिए कितना नुकसानदायक? जान लें इसके गंभीर दुष्प्रभाव

15 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk: आजकल एल्युमिनियम फॉयल लगभग हर रसोई का अहम हिस्सा बन चुका है। खाना गर्म रखने, पैक करने और यहां तक कि पकाने में भी इसका खूब इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, यह सुविधा धीरे-धीरे सेहत के लिए खतरा बन सकती है। कई शोधों में सामने आया है कि एल्युमिनियम फॉयल में भोजन रखने से इसके सूक्ष्म कण खाने में मिल सकते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब गर्म या अम्लीय भोजन—जैसे टमाटर, नींबू, सिरका या मसालेदार चीजें—एल्युमिनियम फॉयल में लपेटी जाती हैं, तो फॉयल से एल्युमिनियम तेजी से भोजन में रिसने लगता है। यह एल्युमिनियम बाद में शरीर में जमा हो सकता है, जो लंबे समय में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है।

मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर असर
एल्युमिनियम को न्यूरोटॉक्सिन माना जाता है, यानी यह दिमाग और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि शरीर में एल्युमिनियम के अधिक जमाव से मस्तिष्क कोशिकाएं प्रभावित हो सकती हैं और अल्जाइमर जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

हड्डियों और किडनी को नुकसान
अधिक एल्युमिनियम शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण में बाधा डालता है, जिससे हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है और वे कमजोर बन सकती हैं। इसके अलावा, किडनी को शरीर से अतिरिक्त एल्युमिनियम बाहर निकालने का काम करना पड़ता है। लंबे समय तक ज्यादा एल्युमिनियम जमा रहने से किडनी की कार्यक्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

गर्म और अम्लीय भोजन में ज्यादा खतरा
एल्युमिनियम फॉयल से रिसाव की मात्रा तापमान और भोजन की प्रकृति पर निर्भर करती है। गर्म भोजन या अम्लीय खाद्य पदार्थों को फॉयल में रखने से रिसाव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यहां तक कि फॉयल में खाना पकाने से भी यह समस्या हो सकती है।

क्या हैं सुरक्षित विकल्प?
विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन को स्टोर या पैक करने के लिए कांच, सिरेमिक या स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित है। अगर मजबूरी में एल्युमिनियम फॉयल का उपयोग करना पड़े, तो ठंडा और सूखा भोजन ही उसमें रखें। अम्लीय भोजन को सीधे फॉयल के संपर्क में न आने दें और पहले बटर पेपर में लपेटकर फिर फॉयल का इस्तेमाल करें।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और शोधों पर आधारित जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।