Health Tips: महिलाओं में इन 4 जरूरी पोषक तत्वों की कमी आम, शरीर खुद देता है संकेत

07 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk: भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी चिंता उनके शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी है। घरेलू जिम्मेदारियों और कामकाज के दबाव के चलते अधिकतर महिलाएं अपनी सेहत और खानपान पर ध्यान नहीं दे पातीं, जिसका असर लंबे समय में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आता है। पोषण की कमी केवल थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव और हड्डियों व नसों से जुड़ी समस्याओं को भी जन्म देती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के अनुसार, भारत में आधे से अधिक महिलाएं एनीमिया यानी आयरन की कमी से पीड़ित हैं। इसके अलावा कैल्शियम, विटामिन-डी और विटामिन-B12 की कमी भी महिलाओं में आम है, जो समय से पहले हड्डियों को कमजोर और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकती है।

शरीर इन पोषक तत्वों की कमी को कई लक्षणों के जरिए संकेत देता है। अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो केवल खानपान में सुधार करके स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

आयरन की कमी (एनीमिया):
बिना अधिक काम किए थकान, सांस फूलना, त्वचा का पीला पड़ना और हाथ-पैर ठंडे रहना आयरन की कमी के प्रमुख लक्षण हैं। इससे बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़ और अनार को आहार में शामिल करें।

कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी:
पीठ दर्द, जोड़ों में जकड़न, मांसपेशियों में ऐंठन और दांतों की कमजोरी इनकी कमी का संकेत हो सकते हैं। धूप में समय बिताना और दूध-दही जैसे डेयरी उत्पादों का सेवन जरूरी है।

विटामिन-B12 की कमी:
हाथ-पैरों में झनझनाहट, चक्कर आना, भूलने की आदत और चिड़चिड़ापन इसके सामान्य लक्षण हैं। शाकाहारी महिलाओं में इसकी कमी ज्यादा देखी जाती है।

सेहत का रखें ध्यान:
सिर्फ सप्लीमेंट्स पर निर्भर न रहें, बल्कि संतुलित और विविध आहार अपनाएं। साल में कम से कम एक बार ब्लड टेस्ट जरूर कराएं और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज की नींव होती है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य अध्ययनों पर आधारित है।