Haryana karnal Minister Manohar Lal spoke demonstration Congress update. news, frustrated cat scratches the pole, the law will do its job, expressed concern over Murshidabad violence, | करनाल में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले मंत्री मनोहर लाल: कहा खिसियाई बिल्ली खंभा नोच, कानून करेगा अपना काम, मुर्शिदाबाद हिंसा पर जताई चिंता – Karnal News

करनाल में कांग्रेस पर तंज कसते पूर्व सीएम मनोहर लाल।

हरियाणा में करनाल के हैबतपुर गांव पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने उनकी बात नहीं मानी तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने की बात की थी और

मुर्शिदाबाद हिंसा पर जताई चिंता

मुर्शिदाबाद में हो रही हिंसा पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस हिंसा के पीछे हैं और उनकी पहचान की जा रही है। केंद्र सरकार इस पर नजर रखे हुए है और गृहमंत्री खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में अशांति फैलाने वाली किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गलत प्रचार करके लोगों को भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

करनाल कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सीएम मनोहर लाल।

करनाल कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सीएम मनोहर लाल।

ईडी दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन को बताया कांग्रेस की हताशा

​​​​​​​ईडी दफ्तरों के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालत अब “खिसियाई बिल्ली खंभा नोचे” जैसी हो गई है। कांग्रेस अपने कार्यकाल में किए गए पापों और मिसकंडक्ट से बचने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब जब ये सारी चीजें सामने आ रही हैं, तो कांग्रेस के लोग बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और कहीं भी किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

वक्कफ कानून पर बोले – संसद बनाएगी कानून

​​​​​​​वक्कफ कानून पर लगी रोक के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर अभी अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों ने केंद्र सरकार से कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं, जिन्हें समय पर लिखित रूप में दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद का काम है कानून बनाना और कोर्ट का काम है उसकी व्याख्या करना। समाज में जब भी कोई गलत परंपरा फैलती है, उस पर कानून बनाना आवश्यक होता है और संसद तथा कोर्ट अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।