Haryana Human Rights Commission Old Age Home Controversy HHRC Chairperson Justice Lalit Batra | हरियाणा में सिर्फ एक ही वृद्धा आश्रम चालू: नाराज HHRC ने लगाई फटकार; 5 जिलों में अभी जमीन तक नहीं मिली, 4 महीने का दिया टाइम – Haryana News

आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा।

हरियाणा के 22 जिलों में सिर्फ एक ही वृद्धा आश्रम संचालित हो रहा है। इसका खुलासा हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) की एक रिपोर्ट में हुआ है। दरअसल, आयोग ने 31 जनवरी 2025 के अपने पिछले आदेश के अनुपालन में राज्य के सभी 22 जिलों में वृद्धाश्रमों के निर्माण

इस समीक्षा में प्राप्त हुई रिपोर्ट के अनुसार 1 अप्रैल 2025 तक केवल रेवाड़ी जिले में वृद्धाश्रम कार्यरत है, जिसका उद्घाटन 6 जनवरी 2023 को हुआ था। वृद्धा आश्रम को लेकर ऐसे हालातों पर आयोग ने नाराजगी प्रकट की है। साथ ही इससे जुड़े विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। अब आयोग ने जुलाई 2025 तक पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है।

इन जिलों में आश्रम के लिए जमीन तक नहीं

आयोग को जो रिपोर्ट मिली है उनमें पांच जिलों में वृद्धा आश्रम के लिए जमीन तक नहीं है। इन जिलों में झज्जर, पलवल, पानीपत, रोहतक और सिरसा शामिल हैं। सूबे की आर्थिक राजधानी के रूप में जाने वाले गुरुग्राम, कैथल, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और नूंह में भूमि चिन्हित कर ली गई है, निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

जबकि फरीदाबाद, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और यमुनानगर में निर्माण कार्य के लिए टाउन प्लानिंग विभाग की मंजूरी लंबित है। करनाल (स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत) और पंचकूला (माता मनसा देवी ट्रस्ट के तहत) में वृद्धाश्रम निर्माण कार्य प्रगति पर है।

आयोग की मीटिंग। फाइल फोटो।

आयोग की मीटिंग। फाइल फोटो।

रेवाड़ी आश्रम के भी बुरे हाल

हरियाणा के रेवाड़ी वृद्धाश्रम का वर्चुअल निरीक्षण भी आयोग द्वारा किया गया, जिसमें पाया गया कि 170 लोगों की क्षमता वाले भवन में मात्र 12 बुजुर्ग (9 पुरुष, 3 महिलाएं) रह रहे हैं। वहां सफाई, रसोई और शौचालयों की स्थिति खराब पाई गई। केवल 1 सफाई सेवक नियुक्त है, जो अपर्याप्त है।

आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा के साथ दोनों सदस्यों कुलदीप जैन और दीप भाटिया के फुल कमीशन ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007 की धारा 19 का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक वृद्धाश्रम होना अनिवार्य है। वृद्धों के सम्मान और जीवन की गरिमा सुनिश्चित करने हेतु सरकार की जिम्मेदारी तय की गई।

इन चार विभागों के अधिकारियों को नोटिस निरंतर

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य में तेजी लाने और व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, मुख्य प्रशासक, HSVP, पंचकूला, निदेशक, विकास एवं पंचायत विभाग औश्र निदेशक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का नाम शामिल है।हरियाणा मानवाधिकार आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि इनसे 29 जुलाई 2025 तक विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट मांगी गई है।