Haryana Hisar Kanwari Village Sarpanch Sanjay murder accused Sandeep arrested | हिसार में कंवारी सरपंच का हत्यारोपी गिरफ्तार: निलंबित एएसआई पुलिस के हत्थे चढ़ा, एक साल पहले हुआ था मर्डर, 4 दिन की रिमांड पर – Hansi News

मृतक संजय दूहन का फाइल फोटो (फूल माला पहने हुए)

हिसार के हांसी के गांव कंवारी के सरपंच नरसिंह उर्फ संजय दुहन मर्डर केस में पुलिस को एक सफलता हाथ लगी है। इस मामले में हरियाणा पुलिस के निलंबित एएसआई संदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

रविवार को पुलिस ने संदीप को हांसी कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

बता दें कि संदीप हरियाणा पुलिस में एएसआई है, और वह सस्पेंड चल रहा था। उस पर हांसी पुलिस ने 5 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था। पीड़ित पक्ष के वकील राजकुमार खर्ब ने बताया कि आरोपी संदीप ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार मुहैया करवाए थे और वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा था।

आरोपी एएसआई संदीप को कोर्ट लेकर जाती पुलिस।

आरोपी एएसआई संदीप को कोर्ट लेकर जाती पुलिस।

हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी जमानत याचिका

हरियाणा पुलिस के पूर्व ASI संदीप ने संजय मर्डर मामले में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

बता दें कि 3 मार्च 2024 को कंवारी गांव के सरपंच नरसिंह उर्फ संजय दुहन की गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह किसी शादी समारोह से शामिल होकर अपने घर जा रहा था और उसके घर के कुछ ही मीटर दूरी पर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया था। संजय को छह गोलियां मारी गई थी। पुलिस ने सरपंच संजय के भाई की शिकायत पर 11 नामजद सहित चार अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।

हत्या की यह थी असली वजह

सरपंच संजय की हत्या जमीनी विवाद के चलते और चुनावी रंजिश को लेकर की गई थी। आरोपियों ने रंजिश का बदला लेने के लिए संजय सरपंच की हत्या की थी, क्योंकि मृतक संजय के लड़के पुनीत ने आरोपी करण की शादी समारोह में डीजे बजाने पर आपसी कहासुनी व मार पिटाई हो गई थी।

इसी रंजिश के चलते संजय के लड़के पुनीत ने करण पाल पर गोलियां चला दी थी, जिस पर आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में मामला दर्ज है और पुनीत जेल में है। वहीं आरोपी सुमित भी संजय के परिवार से ही है, जिनका पहले से ही जमीनी विवाद के कारण रंजिश है।

चुनाव के समय में मृतक संजय ने सुमित के पिता राजेश को थप्पड़ भी मार दिया था। सुमित और सचिन दोस्त हैं और दोस्ती के नाते और पैसों के लालच में आकर वह भी इस षड्यंत्र में शामिल हो गए थे।