हरियाणा में रिटायरमेंट से ठीक 4 दिन पहले हिसार जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) प्रदीप नरवाल पर गाज गिर गई है। हरियाणा सरकार ने सस्पेंशन के ऑर्डर जारी कर दिए हैं और सिरसा डीईओ वेद प्रकाश को चार्ज थमा दिया है।
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हिसार डीईओ पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में सस्पेंड किया गया है। दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास 2 दिन पहले प्राईवेट स्कूलों का एक दल मिला था जिसमें बताया था कि हिसार डीईओ स्कूलों को मान्यता देने की एवज में रिश्वत मांग रहा है।
आरोप है कि डीईओ मान्यता देने के लिए प्रति स्कूल 12 लाख रुपए की डिमांड कर रहा था। मामला तब पकड़ में आया जब एक आरएसएस से जुड़े स्कूल संचालक से डीईओ ने स्कूल अपग्रेड की मान्यता के बदले 12 लाख रुपए की डिमांड की और पैसे नहीं देने पर कमी निकालकर मान्यता रद कर दी।
इतना ही नहीं एक ऑडियो भी मुख्यमंत्री सैनी को दिया गया जिसमें डीईओ पैसे की डिमांड कर रहा है। वहीं इस मामले में डीईओ का कहना है कि उसके पास सस्पेंशन के ऑर्डर नहीं आए हैं। 31 मार्च को उनकी रिटायरमेंट हैं। इस संबंध में 20 मार्च को ही पत्र आ गया था।

हिसार डीईओ को सस्पेंड करने के आदेश संबंधित पत्र।
रिश्वत नहीं दी तो स्कूल में कमरे घटा दिए दरअसल, हिसार के ही एक प्राईवेट स्कूल ने बारहवीं तक मान्यता के लिए अप्लाई किया हुआ था। नियमानुसार मान्यता के पूरे मापदंड अपनाए हुए थे। 12वीं तक मान्यता के लिए 22 कमरों का स्कूल होना चाहिए, जबकि स्कूल में 29 कमरे थे।
डीईओ ने स्कूल का निरीक्षण करने की तारीख 25 जून 2024 डिसाइड की मगर डीईओ 24 जून को एक दिन पहले ही निरीक्षण करने स्कूल पहुंच गया और स्कूल की रिपोर्ट नेगेटिव दिखा दी। इतना ही नहीं 29 कमरे के स्कूल को 18 कमरों का कागजों में दिखा दिया।
पैसे लेकर स्कूलों को मान्यता दी जिनके मापदंड पूरी नहीं आरोप है कि हिसार डीईओ प्रदीप नरवाल ने ऐसे स्कूलों को रिश्वत लेकर मान्यता दे दी जो मापदंड कहीं से पूरी नहीं करते थे। जिस स्कूल संचालक की ऑडियो मुख्यमंत्री को सौंपी गई वह स्कूल संचालक ने भी डीईओ को रिश्वत दी थी। यह ऑडियो मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास पहुंच गई इसके बाद उन्होंने 2 दिन के अंदर ही डीईओ को सस्पेंड कर दिया और विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं।











