Gurugram Fake Call Centre Microsoft Company Tech Support | गुरुग्राम में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले 13 गिरफ्तार: पॉप-अप भेजकर बैंकिंग डेटा लीक का डर दिखाते, 300-500 डॉलर तक करते थे ठगी – gurugram News

पुलिस गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी।

गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का प्रतिनिधि बनकर कनाडा के नागरिकों से ठगी कर रहा था। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर के टीम लीडर, दो महिलाओं समेत कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और

गुरुग्राम पुलिस को सूचना मिली थी कि सुशांत लोक फेज-3 में एक अवैध कॉल सेंटर तकनीकी सहायता के नाम पर विदेशी नागरिकों को ठग रहा है। पुलिस की टीम ने छापेमारी कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कॉल सेंटर का टीम लीडर सूरज था, जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस गोरखधंधे को चला रहा था। आरोपियों ने बताया कि वे विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर में पॉप-अप वायरस भेजते थे, जिसमें एक फर्जी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर दिया जाता था।

जब लोग इस नंबर पर कॉल करते थे, तो कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का प्रतिनिधि बताकर उन्हें तकनीकी दिक्कतों के बारे में डराते और बैंकिंग डेटा लीक होने का झांसा देते थे।

गिफ्ट कार्ड के जरिए की जा रही थी ठगी

ठगी का तरीका बेहद शातिराना था। कॉल सेंटर के एजेंट विदेशी नागरिकों को यह विश्वास दिलाते कि उनका बैंकिंग डेटा लीक हो गया है और इसे ठीक करने के लिए बैंक के प्रतिनिधि से बात करनी होगी। इसके बाद दूसरा एजेंट खुद को बैंक का अधिकारी बताकर उनसे 300 से 500 डॉलर के गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए कहता था। जब गिफ्ट कार्ड कोड मिल जाता, तो ठग उसे तुरंत रिडीम कर लेते थे।

एक महीने से चल रहा था कॉल सेंटर

पुलिस जांच में सामने आया कि यह कॉल सेंटर पिछले एक महीने से सक्रिय था और इसमें काम करने वाले कर्मचारियों को प्रति माह 30,000 रुपए वेतन दिया जाता था। गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों के निवासी हैं।

पुलिस ने जब्त किए सबूत

गुरुग्राम पुलिस ने 12 लैपटॉप और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग इस साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। सभी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और कितने लोगों को ठगा जा चुका है।