26 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: मध्य पूर्व में बढ़ते खतरे के बीच खाड़ी देश अब अपनी सुरक्षा रणनीति बदलते नजर आ रहे हैं। ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अरब देश अब अमेरिका और फ्रांस पर निर्भरता कम कर रहे हैं और दक्षिण कोरिया के एयर डिफेंस सिस्टम की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
दक्षिण कोरिया का ‘Cheongung’ (M-SAM Block II) मिसाइल डिफेंस सिस्टम इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सिस्टम ने संयुक्त अरब अमीरात में दागी गई ईरानी मिसाइलों को रोकने में करीब 96% सफलता दर हासिल की है, जिससे इसकी मांग तेजी से बढ़ गई है।
यह सिस्टम NATO मानकों के अनुरूप है और अमेरिकी ‘Patriot PAC-3’ सिस्टम को टक्कर देता है, लेकिन इसकी कीमत काफी कम—लगभग एक-चौथाई—बताई जा रही है। यही कारण है कि खाड़ी देशों के लिए यह एक किफायती और प्रभावी विकल्प बन गया है।
दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री ने भी संकेत दिया है कि कई मध्य-पूर्वी देश इस सिस्टम को खरीदने की दौड़ में शामिल हैं, क्योंकि यह बैलिस्टिक मिसाइलों को 90% से अधिक सटीकता से इंटरसेप्ट करने में सक्षम है।
हालांकि क्षेत्र में पहले से Patriot Missile System और THAAD जैसे अमेरिकी सिस्टम तैनात हैं, लेकिन अब तेज डिलीवरी, कम लागत और बेहतर प्रदर्शन के चलते दक्षिण कोरियाई सिस्टम की मांग बढ़ रही है।
संयुक्त अरब अमीरात इस सिस्टम को अपनाने वाला पहला देश था, जिसने 2022 में 3.5 अरब डॉलर का सौदा किया। इसके बाद सऊदी अरब और इराक ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
यह बदलाव न सिर्फ रक्षा खरीद की रणनीति में परिवर्तन को दिखाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि खाड़ी देश अब अपनी सुरक्षा के लिए नए और भरोसेमंद विकल्प तलाश रहे हैं।













