22 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को वैश्विक स्तर पर और आगे बढ़ाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। आरबीआई ने घोषणा की है कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही यूरोपियन सेंट्रल बैंक के टारगेट इंस्टेंट पेमेंट सेटेलमेंट सिस्टम (TIPS) से जुड़ने जा रहा है। इस इंटरलिंकिंग से भारत और यूरोपीय देशों के बीच पैसे भेजना बेहद आसान, तेज और सस्ता हो जाएगा। इससे यूरोप में रहने वाले लाखों भारतीयों, छात्रों, कामगारों और भारत जाने–आने वाले पर्यटकों को बेहतर और त्वरित डिजिटल लेन-देन की सुविधा मिलेगी।
TIPS यूरोप का रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जिससे 30 से अधिक देशों के बैंक जुड़े हुए हैं। इसे यूरोप का UPI भी कहा जाता है। RBI और NPCI International कई महीनों से यूरोपियन सेंट्रल बैंक के साथ तकनीकी बातचीत कर रहे थे, जिसके बाद अब UPI-TIPS लिंक के इम्प्लीमेंटेशन फेज की शुरुआत के लिए सहमति बन गई है।
इस इंटरलिंकिंग के शुरू होने पर भारत–यूरोप रेमिटेंस तुरंत पहुंच सकेंगे, बैंक चार्ज और फॉरेक्स फीस कम हो सकती है, और पर्यटकों को कई यूरोपीय देशों में UPI से भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। UPI पहले ही सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, भूटान और नेपाल जैसे देशों में स्वीकार किया जा रहा है। यूरोप के सबसे बड़े पेमेंट नेटवर्क TIPS से कनेक्ट होना इस सिस्टम को और मजबूत बनाएगा।
यह पहल G20 के उस ग्लोबल एजेंडा से भी जुड़ी है, जिसमें दुनिया भर में सस्ते, तेज और सुरक्षित क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया गया है। अब RBI, NIPL और यूरोपियन सेंट्रल बैंक मिलकर तकनीकी इंटीग्रेशन और जोखिम प्रबंधन की प्रक्रियाओं को पूरा करेंगे, ताकि जल्द ही UPI-TIPS पेमेंट लिंक को शुरू किया जा सके।













