12 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: वैश्विक आपूर्ति में रुकावट के कारण संभावित एलपीजी संकट को देखते हुए केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री Suresh Gopi ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और भारत के लिए अतिरिक्त गैस आपूर्ति के नए रास्ते खुल रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कई देशों के साथ बातचीत की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह भी उठाया है कि वैश्विक संकट का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है और गैस आपूर्ति में राहत दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ आपूर्ति संबंधी मुद्दे कूटनीतिक कारणों से सार्वजनिक नहीं किए जा सकते, खासकर Strait of Hormuz से जुड़े मामलों में। हालांकि भारत के लिए अतिरिक्त एलपीजी उपलब्ध कराने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
सरकार ने मौजूदा हालात में गैस आपूर्ति को लेकर प्राथमिकता भी तय की है। अस्पतालों, श्मशान घाट और अन्य जरूरी सेवाओं को पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
मंत्री के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति और तकनीकी कारणों पर भारत का सीधा नियंत्रण नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि एलपीजी संकट का असर केवल भारत ही नहीं बल्कि कई अन्य देशों में भी देखा जा रहा है।
गैस की कीमतों के सवाल पर उन्होंने बताया कि कीमतों को नियंत्रित करने के लिए नियामक व्यवस्था मौजूद है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत तय करने का अधिकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में लोगों को संयम बरतने की जरूरत है, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देखा गया था।











