गोरखपुर: बिजली दरों में बदलाव से उद्योग जगत नाराज़, मुख्यमंत्री को ज्ञापन

27 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्र में बिजली दरों में हालिया बदलाव को लेकर असंतोष बढ़ गया है। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उनके कैंप कार्यालय में सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।

⚡ फ्यूल सरचार्ज से बढ़ा बोझ
ज्ञापन में कहा गया है कि ईंधन एवं विद्युत अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) हर महीने अलग-अलग राशि के रूप में जोड़ा जा रहा है।
जनवरी में यह अधिभार कुल बिजली बिल का करीब 10% तक पहुंच गया।
उद्योग पहले से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं।
बढ़ती लागत से उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
चैंबर के अध्यक्ष आर.एन. सिंह के अनुसार, यह अतिरिक्त भार स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को कमजोर कर रहा है।

🏭 नए उद्योगों के लिए बढ़ी दिक्कतें                                                                                          उद्यमियों ने बताया कि:
नए बिजली कनेक्शन की लागत और सिक्योरिटी राशि में भारी वृद्धि हुई है।
कार्यशील पूंजी का बड़ा हिस्सा केवल बिजली संबंधी औपचारिकताओं में फंस रहा है।
इससे स्टार्टअप और नई इकाइयों के लिए आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।

📜 नीति में संशोधन की मांग
उद्यमियों ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योग नीति-2022 का हवाला देते हुए नई इकाइयों को इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी (विद्युत कर) में छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि बैंक ब्याज और टर्म लोन की किस्तों के बीच यह अतिरिक्त कर उद्योगों पर भारी पड़ रहा है।

🗣️ सरकार से अपील
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्ण विचार कर राहत देने की अपील की है, ताकि गोरखपुर और पूर्वांचल का औद्योगिक विकास प्रभावित न हो।
फिलहाल, उद्योग जगत सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।