04 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Education Desk: बीएससी कृषि में ICAR कोटे के तहत अब इंटरमीडिएट में कृषि विषय वाले छात्र होंगे पात्र
कृषि विश्वविद्यालयों ने घोषणा की है कि बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अब इंटरमीडिएट स्तर पर कृषि विषय होना अनिवार्य होगा। इस बदलाव से ICAR कोटे के तहत 50 कृषि विश्वविद्यालयों में 20% सीटों पर छात्र आवेदन कर सकेंगे। इस वर्ष इस कोटे के तहत कुल 3,121 सीटें उपलब्ध होंगी। प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवारों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
इससे पहले कृषि विषय वाले छात्रों को प्रवेश पाने में दिक्कतें आ रही थीं क्योंकि अधिकांश विश्वविद्यालय केवल भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीवविज्ञान विषयों वाले छात्रों को ही पात्र मानते थे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि लंबे समय से लंबित इस समस्या का समाधान कर दिया गया है, जिससे लगभग 3,000 छात्रों को लाभ मिलेगा।
ICAR के महानिदेशक एम.एल. जाट ने कहा कि बहुत कम राज्यों में इंटरमीडिएट स्तर पर कृषि विषय पढ़ाया जाता है, इसलिए अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्रों को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 50 कृषि विश्वविद्यालयों में से 42 ने ABC (कृषि, जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान) और तीन ने PCA (भौतिकी, रसायन विज्ञान, कृषि) संयोजन को पात्रता मानदंड में शामिल किया है। शेष पांच विश्वविद्यालय अगले शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से इस बदलाव को लागू करेंगे।
इस कदम से देश भर के छात्रों के लिए बीएससी कृषि में प्रवेश के अवसर समान और सुगम हो जाएंगे।













