चंबा में स्थापित होगी ‘ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी  : मुख्यमंत्री

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शिमला 24 फरवरी, 2026 Fact Recorder

Himachal Desk:  ‘व्यवस्था परिवर्तन’ से शिक्षा में स्थापित हो रही उत्कृष्टता
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में जिला चंबा में ‘ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी’ स्थापित करने को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के स्थापित होने से राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, डिजिटल एवं कौशल विकास के सुदृढ़ीकरण को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चंबा की सिहुंता तहसील के मौहल चलेरा में स्थापित हो रहा यह विश्वविद्यालय युवाओं को कौशल-आधारित, व्यावसायिक तथा उद्योगोन्मुखी शिक्षा प्रदान करेगा। इस निर्णय से युवाओं की रोज़गार क्षमता बढ़ेगी, उद्यमशीलता को प्रोत्साहन, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के ‘सीखो और कमाओं’ मॉडल से प्रदेश के युवाओं को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा क्रेडिट-आधारित तथा राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रम संचालित किए जाएगें। युवाओं के लिए आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों के अनुरूप ऑनलाइन, ब्लेंडेड तथा अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति को अपनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। विश्वविद्यालय में हेल्थकेयर एवं एलाइड साइंसेज़, मैनेजमेंट एवं कॉमर्स, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, हॉस्पिटैलिटी एवं कुलिनरी आर्ट्स, इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी, अपैरल एंड टैक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक एवं पेट्रोकेमिकल्स, फिटनेस एंड फिजिकल एजूकेशन, कार्पेटिंग एंड फर्नीचर, ड्रोन डेवलपमेंट एंड एपलिकेशन, पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन, कृषि तथा भाषाओं से संबंधित पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएगें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की दूरदर्शिता को प्रदर्शित कर रही इस पहल  के तहत उद्योगों की मांग और वैश्विक मानकों के अनुरूप भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की स्थापना से जिला चंबा और पूरे राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी तथा शिक्षा, कौशल विकास और रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों और बदलते वैश्विक रोज़गार बाज़ार को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के डिज़िटल कौशल का विकास कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा। विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त युवाओं को वर्चुअल लैब और उद्योग सहयोग के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा ताकि दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग में कुशलता हासिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि रोज़गार क्षमता बढ़ाने और युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम, इनक्यूबेशन सेंटर तथा प्लेसमेंट सपोर्ट सेल स्थापित किए जाएंगे। सेक्टर स्किल काउंसिल और प्रमुख उद्योगों के सहयोग से पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे तथा ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। ‘सीखो और कमाओ’ मॉडल विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगा।
शिक्षा क्षेत्र में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की पहल को इंगित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासन व्यवस्था, पाठयक्रम निर्माण और संस्थागत जवाबदेही में सुधार लाकर शिक्षा को अधिक पारदर्शी, परिणामोन्मुखी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी एक आदर्श संस्थान के रूप में परिवर्तनकारी बदलाव लाने, शिक्षा और रोज़गार के बीच की खाई को पाटने तथा नवाचार, समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।