रेलवे स्टेशन से अपहृत बच्ची 36 घंटे बाद सकुशल बरामद, आगरा से आरोपी गिरफ्तार

रेलवे स्टेशन से अपहृत बच्ची 36 घंटे बाद सकुशल बरामद, आगरा से आरोपी गिरफ्तार

25 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: मथुरा जंक्शन से अगवा बच्ची 41 घंटे बाद सकुशल बरामद, आगरा कैंट से आरोपी गिरफ्तार      मथुरा रेलवे जंक्शन से शुक्रवार रात अगवा की गई एक साल की बच्ची सरस्वती को जीआरपी ने 41 घंटे बाद सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची को अपहरणकर्ता सतीश गौड़ के कब्जे से आगरा कैंट स्टेशन पर छुड़ाया गया। आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

ऐसे हुआ अपहरण                                                                                                        सरस्वती अपने पिता आनंद और मां पूजा के साथ प्लेटफार्म पर थी। पिता प्लास्टिक बीनने गए थे और मां शौचालय गई थी। इस दौरान सरस्वती और उसकी बड़ी बहन गौरा प्लेटफार्म पर सो रही थीं। तभी आरोपी सतीश ने मौके का फायदा उठाकर सरस्वती को गोद में उठाया और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बैठकर भाग निकला। मां ने आरोपी को भागते हुए देख लिया, लेकिन पकड़ नहीं सकीं।

सीसीटीवी से मिली सुराग                                                                                                  जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में अपहरण की पूरी वारदात कैद हो गई। तस्वीरें मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की तीन टीमें सक्रिय हो गईं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने लगातार पीछा किया और रविवार को आगरा कैंट स्टेशन से आरोपी को दबोच लिया।

बच्ची की चाहत ने बनाया अपराधी                                                                                        पूछताछ में सतीश ने बताया कि उसकी शादी 9 साल पहले हुई थी, लेकिन पत्नी का अब तक चार बार गर्भपात हो चुका है और संतान नहीं हो सकी। बच्चा न होने की हताशा में ही उसने यह कदम उठाया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि सरस्वती उसके पास 40 घंटे रही, इस दौरान उसने उसे दूध-पानी पिलाया और ध्यान रखा।

परिवार की खुशी लौटाई                                                                                                      जैसे ही बच्ची को जीआरपी ने उसके माता-पिता के सुपुर्द किया, परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने पुलिस का धन्यवाद किया।

👉 फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और बच्ची को न्यायालय में पेश करने के बाद माता-पिता को सौंप दिया जाएगा।