23 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने एक बार फिर साफ किया है कि देश में 12 फरवरी को तय समय पर आम चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सोमवार शाम दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर के साथ उनकी फोन पर करीब आधे घंटे की बातचीत हुई, जिसमें चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक बदलाव, व्यापार-टैरिफ और हालिया हिंसा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
यूनुस ने कहा कि देश की जनता लंबे समय बाद अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने को उत्सुक है, जिसे पहले के तानाशाही शासन में सीमित कर दिया गया था। उनके मुताबिक, चुनाव में अब करीब 50 दिन बचे हैं और सरकार इसे यादगार बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। हाल की घटनाओं से निराशा जरूर हुई है, लेकिन हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है और व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
अमेरिका से व्यापार और टैरिफ पर भी चर्चा
यूनुस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बातचीत के दौरान बांग्लादेश–अमेरिका व्यापार संबंधों और टैरिफ पर विस्तार से चर्चा हुई। अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर ने हालिया टैरिफ वार्ताओं में यूनुस के नेतृत्व की सराहना की और बताया कि बांग्लादेश अमेरिकी उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ को 20 प्रतिशत तक घटाने में सफल रहा है। दोनों पक्षों के बीच कुछ नए व्यापार समझौतों पर भी काम चल रहा है और एक बड़े व्यापार करार की तैयारी की जा रही है।
हिंसा भड़काने के आरोप
बातचीत में युवा राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या का मुद्दा भी उठा। यूनुस ने आरोप लगाया कि अपदस्थ तानाशाही शासन के समर्थक चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए भारी धन खर्च कर रहे हैं और उनके भगोड़े नेता देश में हिंसा भड़का रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अंतरिम सरकार हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इंकलाब मंच की मांगें और चेतावनी
इधर, इंकलाब मंच ने हादी की हत्या के दोषियों को जल्द सजा देने की मांग तेज कर दी है। संगठन ने 13वें आम चुनाव और संभावित जनमत संग्रह से पहले न्याय की मांग करते हुए फास्ट-ट्रैक न्यायिक ट्रिब्यूनल के गठन की अपील की है, जिसमें FBI और स्कॉटलैंड यार्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को शामिल करने की मांग भी रखी गई है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंच ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो अंतरिम सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं, कानूनी सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा है कि हादी हत्या मामले की सुनवाई स्पीड ट्रायल ट्रिब्यूनल में होगी और इसे 90 दिनों के भीतर पूरा करने की कोशिश की जाएगी।













