03 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Politics Desk: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपने पति की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में कहा कि लद्दाख प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत की गई कार्रवाई पूरी तरह से गलत और अवैध है।
24 सितंबर को लद्दाख में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद वांगचुक को हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था। गीतांजलि ने कहा कि गिरफ्तारी आदेश की कॉपी तक परिवार को नहीं दी गई और अब तक उनका पति से संपर्क भी नहीं हो सका है।
गीतांजलि ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई एक साज़िश है। उन्होंने कहा कि हिंसा के वक्त वांगचुक शांतिपूर्वक भूख हड़ताल पर बैठे थे, इसलिए उनका हिंसा से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने पुलिस पर झूठे आरोप गढ़ने और निर्दोष को बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाया।
पृष्ठभूमि
अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद लद्दाख को बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। तब से स्थानीय लोग लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर सोनम वांगचुक ने 35 दिन का धरना और भूख हड़ताल शुरू की थी।
10 सितंबर से वांगचुक और लद्दाख एपेक्स बॉडी (एलएबी) के 15 सदस्य भूख हड़ताल पर बैठे थे। जब दो कार्यकर्ताओं की तबीयत बिगड़ी तो लेह बंद का आह्वान किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में टकराव हो गया, जिसमें पथराव और आगजनी तक हुई। इसके बाद वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया।
गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट से अपने पति की तुरंत रिहाई की मांग की है।













