29 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ के सेक्टर-46 निवासी फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलर रामलाल चौधरी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में रामलाल चौधरी और उसके बेटे अमित कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अदालत ने दोनों आरोपियों को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 6 फरवरी से तय की है।
ईडी की यह कार्रवाई करीब चार साल पुराने उन मामलों से जुड़ी है, जब चंडीगढ़ पुलिस ने रामलाल चौधरी को धोखाधड़ी के दो बड़े मामलों में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसके वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का बड़ा नेटवर्क सामने आया, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से केस अपने हाथ में लिया। लगभग तीन साल की विस्तृत जांच के बाद अब चार्जशीट दाखिल की गई है।
150 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का आरोप
ईडी के अनुसार, रामलाल चौधरी ने अवैध तरीकों से 150 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति खड़ी की। जांच में बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी लग्जरी गाड़ियों का भी खुलासा हुआ है। एजेंसी अब उसके बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है।
रेहड़ी से करोड़पति बनने तक की कहानी
रामलाल चौधरी का सफर बेहद साधारण शुरुआत से जुड़ा बताया जाता है। वर्ष 1976 में वह चंडीगढ़ आया और रामदरबार कॉलोनी की झुग्गियों में रहा। शुरुआती दौर में उसने रेहड़ी लगाई और मजदूरी जैसे छोटे-मोटे काम किए। बाद में प्रभावशाली लोगों और कुछ पुलिसकर्मियों से नजदीकियां बढ़ाकर फाइनेंस के कारोबार में उतर गया। आरोप है कि वह लोगों को आपराधिक मामलों में राहत दिलाने और सरकारी तंत्र में प्रभाव का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलता था।
ठगी के गंभीर आरोप पहले भी
चार साल पहले गुरुग्राम के कारोबारी अतुल्य शर्मा ने निवेश के नाम पर पांच करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अलावा रेवाड़ी के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने भी छह करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। रामलाल चौधरी का नाम समय-समय पर दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी सामने आता रहा है। वर्ष 2014 में सेक्टर-49 में एक मॉडल युवती की हत्या के मामले में वह, उसकी बेटी और दो शूटर गिरफ्तार हुए थे, हालांकि बाद में सभी को बरी कर दिया गया था।













