23 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा को लेकर हलचल तेज हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर एंटी-ड्रोन यूनिट्स की तैनाती तेज कर दी है। डिफेंस सूत्रों का कहना है कि एलओसी से सटे फॉरवर्ड इलाकों में ड्रोन डिटेक्शन और जैमिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी हवाई गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
सूत्रों के अनुसार, अब तक कम से कम 35 विशेष एंटी-ड्रोन यूनिट्स को पाकिस्तानी सेना की आठ ब्रिगेड के तहत एलओसी के पास तैनात किया गया है। यह तैनाती खास तौर पर रावलाकोट, कोटली और भीमबर सेक्टर के सामने देखी गई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इन इलाकों को रणनीतिक रूप से संवेदनशील मानती हैं।
भारत की ड्रोन क्षमता से घबराया पाकिस्तान
इन सेक्टरों में एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती इस बात का संकेत मानी जा रही है कि पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आई भारत की ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन क्षमता से काफी परेशान है। कम समय में निगरानी, सटीक टारगेटिंग और बिना ज्यादा चेतावनी के हमले करने की भारतीय क्षमता ने पाकिस्तानी सेना की चिंता बढ़ा दी है। खासकर दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में ड्रोन स्वार्म और लोइटरिंग हथियारों से निपटने की पाकिस्तान की क्षमता सीमित मानी जाती है।
चीन और तुर्की से हथियार खरीद की कोशिशें तेज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान ने चीन और तुर्की के साथ आपात हथियार खरीद और संयुक्त उत्पादन को लेकर कई दौर की बातचीत की है। डिफेंस सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान युद्ध क्षेत्र में बेहतर तालमेल के लिए नई कमांड एंड कंट्रोल गाड़ियां शामिल कर रहा है। इसके अलावा, 300 फतह रॉकेट खरीदने का सौदा भी लगभग तय बताया जा रहा है, जिससे उसकी लंबी दूरी की मारक क्षमता बढ़ेगी।
साथ ही, ड्रोन और सटीक हथियारों के मौजूदा दौर में अप्रभावी हो चुके पुराने टैंकों की जगह नए बख्तरबंद प्लेटफॉर्म खरीदने की तैयारी भी की जा रही है। कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों में तेजी साफ तौर पर देखी जा रही है।













