02 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर मंदी के बादल, टैरिफ नीति से रोजगार पर असर अमेरिका में मंदी के संकेत साफ़ तौर पर दिखाई देने लगे हैं। प्रमुख अर्थशास्त्रियों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ (शुल्क) और व्यापार नीतियों का असर अब अमेरिकी श्रम बाजार पर पड़ने लगा है। कंपनियों ने नई भर्तियों में कटौती शुरू कर दी है और छंटनियों का दौर तेज हो गया है।
रोजगार के आंकड़े निराशाजनक अमेरिकी श्रम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, बीते महीने केवल 73,000 नई नौकरियां सृजित हुईं, जबकि विश्लेषकों ने 1,15,000 नौकरियों की उम्मीद जताई थी। वहीं मई और जून के महीनों में कुल 2,58,000 कर्मचारियों की छंटनी की गई, जिससे देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 4.2% हो गई है। बेरोजगारों की संख्या में 2,21,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ग्लासडूर के मुख्य अर्थशास्त्री डेनियल झाओ ने चेतावनी दी कि “मंदी आने वाली नहीं है, बल्कि पहले ही दस्तक दे चुकी है।” इसी तरह बीएमओ कैपिटल मार्केट्स के मुख्य अर्थशास्त्री स्कॉट एंडरसन ने भी कहा कि टैरिफ और सख्त आव्रजन नीतियों के चलते अमेरिकी श्रम बाजार में गिरावट तय थी।
टैरिफ का उल्टा असर राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से चीन समेत कई देशों पर टैरिफ लगाए गए हैं, जिससे आयात महंगा हुआ है। ट्रंप प्रशासन को उम्मीद थी कि इससे घरेलू विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा नुकसान अमेरिकी उपभोक्ताओं और श्रमिकों को हो रहा है।
राजनीतिक टकराव भी तेज श्रम विभाग की रिपोर्ट को ट्रंप ने खारिज करते हुए विभाग की निदेशक एरिका मेकएंटरफेर को हटाने के आदेश दिए हैं। एरिका की नियुक्ति पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में हुई थी। रिपोर्ट आने के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
निष्कर्ष टैरिफ युद्ध और सख्त आर्थिक नीतियों का असर अब अमेरिका के भीतर महसूस किया जा रहा है। भर्तियों में गिरावट, बेरोजगारी में इजाफा और बाजार में अनिश्चितता इस बात की ओर इशारा करते हैं कि अमेरिका एक आर्थिक मंदी की ओर बढ़ रहा है।











