फैटी लिवर से बढ़ सकता है लिवर कैंसर का खतरा, समय पर सतर्क रहना जरूरी

फैटी लिवर से बढ़ सकता है लिवर कैंसर का खतरा, समय पर सतर्क रहना जरूरी

22 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk: फैटी लिवर: समय पर नियंत्रण न किया तो बढ़ सकता है लिवर कैंसर का खतरा                    भारत में तेजी से बढ़ रही फैटी लिवर की समस्या अब एक गंभीर जनस्वास्थ्य चिंता का विषय बन चुकी है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, आज हर तीसरा भारतीय इस बीमारी से प्रभावित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि लिवर कैंसर के 25-30% मामले फैटी लिवर से जुड़े होते हैं। अगर इस स्थिति को समय रहते नियंत्रित न किया जाए, तो यह सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकती है।

क्यों खतरनाक है फैटी लिवर?                                                                                              लिवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन पचाने, खून को साफ करने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और ऊर्जा बनाने का काम करता है। जब इसकी कोशिकाओं में अत्यधिक चर्बी जमने लगती है, तो लिवर कमजोर हो जाता है। यही स्थिति फैटी लिवर डिजीज कहलाती है। एम्स के एक अध्ययन में पाया गया कि करीब 38% भारतीयों को फैटी लिवर की समस्या है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) इस समय सबसे बड़ा खतरा है, जो बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है।

फैटी लिवर से कैंसर तक कैसे पहुंचता है खतरा?                                                                            जब लिवर में लगातार फैट और सूजन बनी रहती है, तो कोशिकाएं बार-बार क्षतिग्रस्त होती हैं। यह डीएनए को नुकसान पहुंचाता है और कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि शुरू होती है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकती है।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के मुताबिक, मोटापा, डायबिटीज और शराब सेवन वाले लोगों में लिवर कैंसर का जोखिम कई गुना ज्यादा होता है। मोटापे से ग्रस्त 90% लोगों में NAFLD का खतरा पाया जाता है, जो बाद में नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH) में बदल सकता है। यह गंभीर स्थिति सिरोसिस, लिवर फेलियर और हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (लिवर कैंसर का सबसे आम प्रकार) का कारण बन सकती है।

भारत में बढ़ती मौ*तें                                                                                                          भारत में हर साल लिवर की बीमारियों से 2.68 लाख से ज्यादा मौ*तें दर्ज की जाती हैं, जो दुनिया में लिवर से जुड़ी कुल मौतों का 18% से अधिक है। यह आंकड़ा इस समस्या की गंभीरता को दिखाता है।

फैटी लिवर के प्रमुख कारण

मोटापा और पेट की चर्बी

डायबिटीज

शराब का सेवन

ज्यादा तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजें खाना

मीठे और पैक्ड फूड का अधिक सेवन

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल

इन लक्षणों को अनदेखा न करें

फैटी लिवर की शुरुआती स्टेज में लक्षण कम दिखते हैं, लेकिन अगर इनमें से कोई संकेत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

पेट में भारीपन या दाईं तरफ दर्द

थकान, कमजोरी और भूख कम लगना

बार-बार पीलिया होना

उल्टी में खून या काले रंग का मल

अचानक वजन कम होना

विशेषज्ञों के अनुसार, लाइफस्टाइल में सुधार कर 70% मामलों में फैटी लिवर को कैंसर बनने से रोका जा सकता है।

कैसे बचाव करें?

संतुलित आहार लें, तैलीय और प्रोसेस्ड फूड से बचें

नियमित व्यायाम करें

शराब और तंबाकू का सेवन न करें

डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखें

सालाना हेल्थ चेकअप कराएं

नोट: यह जानकारी डॉक्टर्स और मेडिकल रिसर्च पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।