जिला जनसंपर्क अधिकारी, गुरदासपुर। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जिले में उपलब्ध है जरूरी कृषि मशीनरी
गुरदासपुर, 12 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjabi Desk: डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह के दिशा-निर्देशों तहत जिले भर में किसानों को फसल अवशेष को आग न लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में ब्लॉक कलानौर के गांव कोटला मुगलां में धान की पराली को आग न लगाने और फसल अवशेष को संभालने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अभियान संबंधी जानकारी देते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जे) डॉ. हरजिंदर सिंह बेदी ने बताया कि जिला प्रशासन की पूरी टीम डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में फील्ड में जाकर किसानों से सीधे संपर्क कर रही है और उन्हें पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रही है।
उन्होंने बताया कि गांव स्तर पर किसानों को पराली प्रबंधन और कृषि मशीनरी की उपलब्धता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। किसानों को नाड़ (पराली) को जलाने के नुकसान और बिना आग लगाए फसल बोने के फायदों के बारे में समझाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादक किसान अक्सर खेत को जल्दी तैयार करने के उद्देश्य से धान की कटाई के बाद पराली को जला देते हैं, जिससे न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि सफल सब्जी उत्पादन के लिए उपजाऊ मिट्टी जरूरी है और यह तभी संभव है जब फसल अवशेष को खेतों में मिलाकर सब्जियां, खासकर गोभी, मटर और आलू जैसी फसलें उगाई जाएं। ऐसा करने से जहां रासायनिक खादों पर निर्भरता घटती है वहीं सब्जियों की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
डॉ. बेदी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा धान की पराली को जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार हॉटस्पॉट गांवों में जाकर किसानों से सहयोग की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक कृषि मशीनरी उपलब्ध है और किसान भाइयों को चाहिए कि वे इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं, पर्यावरण को स्वच्छ रखें और भूमि की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखें।













