फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, तरनतारन की ओर से गांव छीना बिधी चंद में आयोजित किया गया खेत दिवस

फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, तरनतारन की ओर से गांव छीना बिधी चंद में आयोजित किया गया खेत दिवस

किसान अपना रहे हैं धान की सीधी बुवाई: डॉ. मख्खण सिंह भुल्लर
तरनतारन, 07 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk: पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. मख्खण सिंह भुल्लर की अगुवाई में फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर, तरनतारन की ओर से गांव छीना बिधी चंद में एक ट्रैवल सेमिनार और खेत दिवस का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. परविंदर सिंह, इंचार्ज, फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, तरनतारन ने किसानों को धान की सीधी बुवाई के महत्व के बारे में जानकारी दी और उपस्थित सभी किसानों व वैज्ञानिकों का स्वागत किया।

डॉ. मख्खण सिंह भुल्लर ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से किसानों के लिए की जा रही नई खोजों के तहत धान की सीधी बुवाई को अपनाकर पानी की बचत, लागत में कटौती और बाद में बोई जाने वाली गेहूं की फसल की उपज में बढ़ोतरी संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि धान की सीधी बुवाई अपनाने वाले किसानों को विश्वविद्यालय और पंजाब सरकार की ओर से विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

डॉ. हरी राम, प्रमुख, फसल विज्ञान विभाग ने किसानों को विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित बीज किस्मों, उर्वरकों और कीटनाशकों का सही ढंग से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया ताकि वे कम खर्च में अधिक आमदनी प्राप्त कर सकें। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे घर बैठे ही कृषि साहित्य पढ़कर जानकारी हासिल करें।

डॉ. जसवीर सिंह गिल, फसल वैज्ञानिक ने सीधी बुवाई के लिए ‘लक्की सीड ड्रिल’ मशीन के उपयोग की सिफारिश की, जो बुवाई के साथ-साथ खरपतवारनाशक का छिड़काव भी करती है।

डॉ. अमित कौल ने धान और बासमती में खरपतवार की समग्र रोकथाम के बारे में जानकारी दी, जबकि डॉ. नवजोत सिंह बराड़, केवीके बूढ़ा से, ने गेहूं के बाद उगाई जाने वाली अचार वाली मक्की के कारण संभावित नुकसान के बारे में आगाह किया।

डॉ. गुरविंदर सिंह, ब्लॉक कृषि अधिकारी, गंडीविंड ने विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. परमिंदर सिंह संधू ने तकनीकी जानकारी लेकर धान की सीधी बुवाई अपनाने का आह्वान किया। डॉ. सवरीत खैरा, फल वैज्ञानिक ने जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए किसानों और वैज्ञानिकों का धन्यवाद किया।

किसानों के अनुभव और दौरा
गांव सरहाली खुर्द के किसान स. बिक्रमजीत सिंह ने सीधी बुवाई से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। गांव रसूलपुर के स. हरदीप सिंह ने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से आग्रह किया कि ऐसे कार्यक्रम अधिक संख्या में करवाए जाएं ताकि किसानों को और प्रेरणा मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों द्वारा धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का दौरा भी किया गया, जिसमें गांव छीना बिधी चंद के स. प्रगट सिंह, स. लखविंदर सिंह, स. किरपाल सिंह, स. गुर्जंट सिंह, स. सतनाम सिंह, स. गुरवंत सिंह और गांव जोती शाह के स. जर्नैल सिंह शामिल रहे।

इस खेत दिवस में 300 से अधिक किसानों ने भाग लिया और धान की सीधी बुवाई को अपनाने वाले किसानों को डॉ. मख्खण सिंह भुल्लर की ओर से सम्मानित भी किया गया।