फरीदाबाद में विरोध करते हुए हरियाणा टूरिज्म संघ सदस्य।
हरियाणा सरकार द्वारा पर्यटन परिसरों (टूरिज्म कॉम्प्लेक्स) के निजीकरण की योजना के खिलाफ फरीदाबाद में हरियाणा टूरिज्म संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ के सदस्य सेक्टर-16 स्थित मैग पाई रिसॉर्ट में एकत्रित हुए और सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।
गलत प्रबंधक पर हो कार्रवाई
संघ के प्रधान टीकाराम ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पर्यटन विभाग को घाटे में दिखाकर निजी हाथों में सौंपने की योजना बनाई जा रही है, जबकि असल में यह विभाग कभी घाटे में नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने टूरिज्म कॉम्प्लेक्स को घाटे में पहुंचाया है, तो वह इसमें बैठे अधिकारी हैं। सरकार को कर्मचारियों की जगह उन अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने गलत प्रबंधन किया।
कर्मचारियों के बेरोजगार होने का खतरा
संघ के अनुसार पहले पर्यटन विभाग में लगभग 3 हजार कर्मचारी कार्यरत थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 600 रह गई है। पिछले कई वर्षों से कोई नई भर्ती नहीं हुई है। संघ का आरोप है कि सरकार जानबूझकर परिसरों को घाटे में दिखाकर निजी कंपनियों को सौंपना चाहती है, जिससे हजारों कर्मचारियों का भविष्य संकट में आ सकता है।
चहेतों को लाभ देने की योजना बना रहे
टीकाराम ने कहा कि हरियाणा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स जिस भी शहर में स्थित हैं, वहां के मंत्री इन परिसरों को निजी हाथों में देना चाहते हैं। वे अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए निजीकरण की योजना बना रहे हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।
बड़े पैमाने पर होगा विरोध प्रदर्शन
संघ के सदस्यों ने चेतावनी दी, कि यदि सरकार ने अपनी नीति वापस नहीं ली, तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। टीकाराम ने कहा कि फिलहाल संघ ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया है, लेकिन यदि सरकार ने निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई, तो हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।












