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फरीदाबाद जिले में निजी स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के आदेशानुसार कोई भी निजी स्कूल अपने परिसर में किताबें, कॉपियां या स्कूल ड्रेस नहीं बेच सकता। साथ ही बिना मान्यता के स्कूल संचालन और बच्चों का दाखिला भी नह
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स्कूल के कमरे में लगाया किताबों का ढेर
वहीं सारा इंटरनेशनल स्कूल की स्थिति और भी गंभीर है। यह स्कूल बिना मान्यता के न केवल संचालित हो रहा है, बल्कि बच्चों के दाखिले भी कर रहा है। स्कूल में एक कमरे में किताबों और कॉपियों का ढेर लगा मिला। स्कूल संचालक हिमांशु गुप्ता ने दावा किया कि वे पिछले एक साल से स्कूल चला रहे हैं और वर्तमान में 150 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल के एडमिशन पैंफलेट से पता चला है कि वे 11वीं कक्षा तक के दाखिले कर रहे हैं।
मान्यता का आवेदन, अभी तक मंजूरी नहीं
वहीं हिमांशु गुप्ता का कहना है कि उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। वहीं शिक्षा विभाग अधिकारियों ने ऐसे नियम-उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
निर्धारित दुकान से सामान खरीदने को बाध्य नहीं कर सकते स्कूल
जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि कोई भी स्कूल अपने यहां से किताबें, कॉपियां या स्कूल ड्रेस नहीं बेच सकता, ना ही किसी निर्धारित दुकान से सामान खरीदने को बाध्य कर सकता है और ना ही बिना मान्यता के स्कूल संचालित किया जा सकता है। अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी और उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में दाखिले को ज्यादा बढ़ाने के लिए 23 मार्च से 30 अप्रैल तक जिला स्तर पर प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों का दाखिला हो सके।












