फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हरियाणा की पूर्व डीजीपी शील मधुर के यहां काम करने वाले 30 वर्षीय सुरेश ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मामले की सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह ख
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पूर्व डीजीपी के साथ सुरेश का फोटो।
पिता से फोन कर बोला, मरने जा रहा हूं
जानकारी के अनुसार सुरेश जवाहर कॉलोनी की एक युवती से प्रेम करता था। इस रिश्ते को लेकर युवती के परिजनों ने कल सुरेश के घर पहुंचकर उसकी मां और छोटे भाई नायर के साथ मारपीट की। घटना के समय सुरेश घर पर नहीं था। आज सुबह 11:30 बजे सुरेश ने अपने पिता प्रताप सिंह से आखिरी बार बात की। फोन पर ट्रेन की आवाज आ रही थी। सुरेश ने कहा कि वह मरने जा रहा है, पिता ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन नहीं लगा।
पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव
इससे पहले सुरेश ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें लिखा कि तुम अपनी कहानी जारी रखो प्रिय, हमारा अध्याय यहीं समाप्त हुआ। जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बादशाह खान सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पिता का कहना है कि सुरेश डिप्रेशन में था।

फेसबुक पर डाला गया पोस्ट।
पूर्व डीजीपी के यहां कर चुका काम
हरियाणा पुलिस में पूर्व में डीजीपी रहे शील मधुर के यहां पर गुरुग्राम में जॉब करता था, उनका बेटा पढ़ा लिखा था और बड़े ही शांत स्वभाव का था। अपने घर पर हुए हमले और भाई-मां की पिटाई से वह काफी आहत हो चुका था। इसी के चलते उसने आज सुबह ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली।
जीआरपी मान रही एक्सीडेंट
परिजन फिलहाल मामले में मांग की है कि पुलिस उनके बेटे की मौत की असल वजह का खुलासा करें, क्योंकि जीआरपी पुलिस इसे अभी एक्सीडेंट मान रही है, जबकि उनके बेटे ने अपनी ही प्रेमिका के परिजनों द्वारा अपनी मां और भाई की पिटाई से आहत होकर आत्महत्या की है। वह चाहते हैं कि पुलिस मामले की बारीकी से जांच करें और उनके बेटे की मौत के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दे।











