Explained: समय पर सोने जाते हैं, फिर भी नींद नहीं आती? जानिए कारण और असरदार उपाय

17 January 2026 Fact Recorder 

Health Desk:  आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में नींद न आना (Insomnia) एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। कई लोग थकान के बावजूद बिस्तर पर लेटते ही करवटें बदलते रहते हैं। इसकी बड़ी वजह है गलत स्लीप हाइजीन, तनाव और स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट, जो दिमाग को “हाइपर-अलर्ट” मोड में रखती है। इसका असर सिर्फ अगले दिन की थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लंबे समय में दिल, मेटाबॉलिज़्म और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

नींद क्यों नहीं आती?
  • तनाव और ओवरथिंकिंग
  • मोबाइल/टीवी की ब्लू लाइट
  • देर रात कैफीन या भारी खाना
  • अनियमित सोने-जागने का समय
  • बेडरूम का गलत माहौल (रोशनी, शोर, गर्मी)
अच्छी नींद के लिए क्या करें?
1) 10-3-2-1 नियम अपनाएं
  • 10 घंटे पहले: चाय-कॉफी बंद
  • 3 घंटे पहले: डिनर खत्म
  • 2 घंटे पहले: काम से ब्रेक
  • 1 घंटा पहले: मोबाइल/टीवी ऑफ
    यह नियम मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) को बढ़ाने में मदद करता है।
2) 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक
  • 4 सेकंड सांस लें
  • 7 सेकंड रोकें
  • 8 सेकंड में छोड़ें
    यह तकनीक नर्वस सिस्टम को शांत कर दिल की धड़कन धीमी करती है—नींद के लिए बेहतरीन।
3) बेडरूम को ‘स्लीप सैंक्चुअरी’ बनाएं
  • कमरा अंधेरा, शांत और थोड़ा ठंडा रखें
  • तेज़ रोशनी और शोर से बचें
  • चाहें तो लैवेंडर जैसी हल्की खुशबू इस्तेमाल करें
4) 20 मिनट में नींद न आए तो बिस्तर छोड़ दें
जबरदस्ती लेटे न रहें। हल्की रोशनी में किताब पढ़ें या शांत संगीत सुनें। नींद आए तभी वापस बिस्तर पर जाएं—इससे दिमाग बिस्तर को तनाव से नहीं जोड़ेगा।

याद रखें
अच्छी नींद कोई लग्ज़री नहीं, बल्कि शरीर की मरम्मत और रिकवरी की ज़रूरत है। दवाओं से पहले आदतों में बदलाव और अनुशासन अपनाएं।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।