Explained: आज की दुनिया में कौन ज्यादा ताकतवर—सोना या तेल? सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप

15 January 2026 Fact Recorder

Business Desk:  पिछले कुछ वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इन कीमती धातुओं ने वैल्यूएशन के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वहीं दूसरी ओर कच्चा तेल, जिसे ‘काला सोना’ कहा जाता है, आज भी वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का सबसे अहम हथियार बना हुआ है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल भंडार पर नियंत्रण और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ता तनाव यह साफ दिखाता है कि कच्चे तेल की ताकत अभी कम नहीं हुई है, भले ही 2022 के मुकाबले इसकी कीमतें काफी नीचे आ चुकी हों।

ऐसे में बड़ा सवाल उठता है—आज की तारीख में दुनिया में ज्यादा ताकतवर कौन है, सोना या तेल? और क्या यही दुनिया का सबसे ताकतवर असेट है? जवाब आपको हैरान कर सकता है।

सोना बनाम कच्चा तेल: कौन भारी?
अगर सिर्फ मार्केट कैपिटलाइजेशन की बात करें, तो मौजूदा समय में कच्चा तेल सोने से कहीं ज्यादा ताकतवर है। आंकड़ों के मुताबिक, कच्चे तेल की ग्लोबल मार्केट वैल्यू करीब 109 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि सोने की मार्केट कैप करीब 31 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच चुकी है। यानी मार्केट कैप के लिहाज से कच्चा तेल, सोने से तीन गुना से भी ज्यादा मजबूत असेट है।

हालांकि, निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित विकल्प माना जाता है। खासकर बीते 5 सालों में गोल्ड की कीमतों में तेज उछाल आया है और 2025 में ही इसमें करीब 70 फीसदी तक की तेजी देखी गई।

तो फिर दुनिया का सबसे ताकतवर असेट कौन सा है?
ना तो सोना, ना चांदी, ना कच्चा तेल और ना ही कोई करेंसी—दुनिया का सबसे ताकतवर असेट है रियल एस्टेट
Assetmarketcap.com के आंकड़ों के अनुसार, ग्लोबल रियल एस्टेट की मौजूदा वैल्यू 671 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा और ताकतवर असेट बनाती है। अनुमान है कि 2026 से 2029 के बीच यह सेक्टर करीब 2.64% CAGR से बढ़ेगा और 2029 तक इसका साइज 727.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी अमेरिका की है, जहां अकेले रियल एस्टेट मार्केट की वैल्यू 2026 तक 141 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है।

कौन सी करेंसी सबसे ज्यादा ताकतवर?
आमतौर पर डॉलर को दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी माना जाता है, लेकिन मार्केट कैप के लिहाज से तस्वीर थोड़ी अलग है।

  • चीनी युआन: करीब 48 ट्रिलियन डॉलर (दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसी असेट)
  • अमेरिकी डॉलर: करीब 22 ट्रिलियन डॉलर
  • यूरो: करीब 19 ट्रिलियन डॉलर
  • ब्रिटिश पाउंड: करीब 3 ट्रिलियन डॉलर

यानी मार्केट कैप के आधार पर युआन डॉलर से भी आगे निकल चुका है।

दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनी कौन?
कंपनियों की बात करें तो लंबे समय तक Apple, Microsoft और Google (Alphabet) का दबदबा रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में AI बूम के चलते NVIDIA ने बाजी मार ली है।

  • NVIDIA: लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन
  • Alphabet (Google): 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा
  • Apple: करीब 3.9 ट्रिलियन डॉलर
  • Microsoft: करीब 3.4 ट्रिलियन डॉलर

कम समय में NVIDIA का इस स्तर तक पहुंचना इसे दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियों में सबसे ऊपर ले आता है।

निष्कर्ष
आज की दुनिया में अगर सिर्फ सोना और तेल की तुलना करें, तो ताकत के मामले में कच्चा तेल आगे है। लेकिन असली बादशाह कोई कमोडिटी या करेंसी नहीं, बल्कि रियल एस्टेट है—जो चुपचाप दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर असेट बना हुआ है।