23 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड के चलते हीटर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है, लेकिन यह आराम कई लोगों के लिए सेहत का खतरा भी बनता जा रहा है। हाल के दिनों में अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश और लगातार सूखी खांसी की शिकायत हो रही है। डॉक्टर इस स्थिति को ‘ड्राई लंग्स डिजीज’ से जोड़कर देख रहे हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हीटर से निकलने वाली गर्म और सूखी हवा फेफड़ों और श्वसन तंत्र की प्राकृतिक नमी को कम कर देती है। इससे सांस की नली सूख जाती है और संक्रमण, एलर्जी व सांस की तकलीफ का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक हीटर के संपर्क में रहने से फेफड़ों की सुरक्षा परत कमजोर हो सकती है।
किन लोगों को हीटर से ज्यादा खतरा?
दिल्ली के मूलचंद अस्पताल के पल्मोनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. भगवान मंत्री बताते हैं कि जिन लोगों को पहले से अस्थमा, सीओपीडी या ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां हैं, उनके लिए हीटर का ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे मरीजों में सांस की परेशानी बढ़ने के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि प्रदूषण भी एक बड़ा कारण है, लेकिन हीटर का लगातार उपयोग समस्या को और गंभीर बना देता है।
डॉ. मंत्री के अनुसार, हीटर पूरी तरह हानिकारक नहीं है, लेकिन इसे रातभर चलाना या बंद कमरे में लंबे समय तक इस्तेमाल करना सही नहीं है। बहुत जरूरी हो तो एक-दो घंटे के लिए ही हीटर चलाएं।
बंद कमरे में हीटर चलाना क्यों है खतरनाक?
राजीव गांधी अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि पूरी तरह बंद कमरे में हीटर चलाने से ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है और कार्बन डाइऑक्साइड जमा होने लगती है। इससे फेफड़ों में नमी कम होती है और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
ड्राई लंग्स डिजीज के लक्षण
लगातार सूखी खांसी
सांस फूलना
गले में जलन या खराश
लेटते समय खांसी का बढ़ जाना
हीटर का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करें?
बहुत तेज तापमान पर हीटर न चलाएं
कमरे में हल्की वेंटिलेशन जरूर रखें
हीटर को बहुत पास न रखें, कम से कम 2 फीट की दूरी रखें
सोते समय हीटर बंद रखें
अस्थमा या सांस की बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करें
सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
नोट: ठंड से बचाव जरूरी है, लेकिन हीटर का सही और सीमित उपयोग ही सेहत के लिए सुरक्षित माना जाता है।













