07 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश के क्यारीघाट, सोलन में दूरसंचार विभाग के हिमाचल प्रदेश लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (एलएसए) द्वारा आयोजित वार्षिक उत्तरी क्षेत्र सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए दूरसंचार सचिव और डिजिटल संचार आयोग के अध्यक्ष डॉ. नीरज मित्तल ने कहा कि साइबर अपराध, आर्थिक धोखाधड़ी और दूरसंचार साधनों के दुरुपयोग अब वैश्विक चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग कर इन मुद्दों से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. मित्तल ने कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षित संचार सेवाओं का महत्व बढ़ गया है और इस दिशा में दूरसंचार विभाग ने कई पहलों को लागू किया है। उन्होंने “संचार साथी”, वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम सूचकांक और सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर जैसी पहलों का जिक्र करते हुए बताया कि ये कदम न केवल धोखाधड़ी रोकने में मदद कर रहे हैं, बल्कि आम लोगों को साइबर ठगी से भी बचा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लक्ष्य देश के हर नागरिक तक सहज और सुरक्षित संचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सम्मेलन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के दूरसंचार अधिकारियों के साथ-साथ कई केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य सरकार की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं, रिज़र्व बैंक, स्टेट बैंक और एयरटेल, जियो, वोडाफोन, बीएसएनएल जैसे प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सम्मेलन में अवैध दूरसंचार नेटवर्क, वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर ठगी, मोबाइल चोरी और डिजिटल सुरक्षा सहित डेटा और संचार सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। बताया गया कि देश में दूरसंचार सेवाओं के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 122 करोड़ हो गई है। सम्मेलन में भागीदार राज्यों में चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों के पुलिस अधीक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) ने पहला, आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) दूसरा और गुरुग्राम (हरियाणा) तीसरा स्थान हासिल किया। हिमाचल प्रदेश का शिमला पांचवें स्थान पर रहा।
सम्मेलन में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में चार करोड़ से अधिक संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए और लगभग 6 लाख मोबाइल हैंडसेट बरामद किए गए। महानिदेशक दूरसंचार सुनीता चंद्रा ने कहा कि विभाग साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से टेलीकॉम सुरक्षा कॉन्फ्रेंस आयोजित करता रहा है।
सम्मेलन को डिजिटल संचार आयोग के सदस्य देव कुमार चक्रवर्ती, भारतीय सेना के कर्नल गुरु प्रताप सिंह और हिमाचल प्रदेश एलएसए के एडिशनल डीजी अनिल कुमाल गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तरी क्षेत्र से जुड़े सुरक्षा मुद्दों, संचार साथी के उपयोग, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध नेटवर्क की चुनौतियों और दूरसंचार सुरक्षा ढांचे की मजबूती जैसे विषयों पर पैनल डिस्कशन और प्रस्तुतिकरण के माध्यम से गहन विचार-विमर्श किया गया।













