इस राज्य में EVM की जगह बैलेट पेपर से होंगे चुनाव, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

21 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  कर्नाटक में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। राज्य चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले पांच नगर निगमों के चुनाव अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएंगे। ये चुनाव मई 2026 के बाद प्रस्तावित हैं।

यह फैसला कांग्रेस सरकार की सिफारिश पर लिया गया है। सरकार का कहना है कि बैलेट पेपर प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बढ़ेगा। हालांकि, इस निर्णय से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

भाजपा का कड़ा विरोध

विपक्षी दल भाजपा ने इस फैसले का तीखा विरोध किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अपने सर्वे में EVM पर जनता का मजबूत भरोसा सामने आया था, इसके बावजूद कांग्रेस ने राजनीतिक डर के कारण बैलेट पेपर का रास्ता चुना।

अशोक ने कहा कि बेंगलुरु देश की आईटी राजधानी है और EVM बनाने वाली कंपनी BEL का मुख्यालय भी यहीं स्थित है। इसके बावजूद तकनीक को लेकर डर फैलाना और संस्थाओं को कमजोर करना गलत है।

सरकार की सफाई

भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और जापान जैसे कई विकसित लोकतंत्र आज भी बैलेट पेपर से चुनाव कराते हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत ऑडिट प्रणाली के साथ बैलेट पेपर पूरी तरह विश्वसनीय हैं।

खड़गे ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने ही चुनाव प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए EVM की शुरुआत की थी, लेकिन अब उन्हें “ब्लैक बॉक्स” बताकर चुनावों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।