29 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Education Desk: सरकार अपने 13वें आम बजट में शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। शिक्षा बजट पहली बार 1.50 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है। इसमें युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए एआई, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के कोर्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गर्ल्स हॉस्टल से महिला सशक्तिकरण
महिला शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना बना रही है। ये हॉस्टल उच्च शिक्षा संस्थानों के पास बनेंगे, जिससे बेटियों को सुरक्षित आवास और उच्च शिक्षा में ड्रॉपआउट कम होगा। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सीटें बढ़ाकर वंचित वर्ग की बेटियों की 12वीं तक की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार
स्कूली शिक्षा के बजट में 15-20% की बढ़ोतरी हो सकती है। अब सभी सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी (बालवाटिका) शुरू करना अनिवार्य होगा। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है, और विज्ञान तथा एआई में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए नई अटल टिंकरिंग लैब और कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। इन प्रशिक्षणों की देखरेख आईआईटी मद्रास करेंगे।
आईआईटी और केंद्रों को नई ताकत
आईआईटी, एनआईटी और आईआईएससी को नवीनतम कोर्सेज का हब बनाने की तैयारी है। एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के लिए अलग बजट आवंटित होगा। शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य में एआई के बेहतर इस्तेमाल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को समर्पित फंड मिलेगा। इसके साथ मेगा स्किल सेंटर खोलकर नवाचार और रोजगार पर जोर दिया जाएगा।
आईटीआई अपग्रेड और रोजगार सृजन
सरकार ने सभी आईटीआई को अपग्रेड करने का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके लिए उद्योग जगत CSR फंड मुहैया कराएगा, और बदले में उन्हें कुछ बजट राहत दी जाएगी। इससे 1,000 आईटीआई अपग्रेड होंगे और करीब 16,000 आईटीआई छात्रों को लाभ मिलेगा, जिससे रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।
चार प्रमुख प्राथमिकताएं
स्किलिंग हब: युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नए मेगा स्किल सेंटर।
डिजिटल साक्षरता: सरकारी स्कूलों में कोडिंग और डिजिटल शिक्षा पर जोर।
साइंस कोटा: उच्च शिक्षा और शोध में विज्ञान स्ट्रीम के लिए अतिरिक्त सीटें।
रोजगार बूस्टर: आईटीआई अपग्रेड और उद्योग जगत के साथ साझेदारी।













