सुबह-सुबह कांपी धरती: जम्मू-कश्मीर में भूकंप, बारामूला रहा केंद्र, जानें तीव्रता

02 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटकों से धरती हिल उठी। अचानक आए झटकों से लोग सहम गए और कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र बारामूला बताया गया है। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप सोमवार सुबह करीब 05:35:54 बजे आया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई, जबकि इसकी गहराई जमीन के अंदर 10 किलोमीटर थी।

इन इलाकों में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके बारामूला के अलावा पूंछ, कुपवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। सुबह-सुबह धरती हिलने से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए, हालांकि कुछ ही देर में हालात सामान्य हो गए।

बार-बार भूकंप की चपेट में जम्मू-कश्मीर

यह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हों। इससे पहले भी कई बार बारामूला और किश्तवाड़ समेत अन्य क्षेत्रों में भूकंप दर्ज किया जा चुका है। जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख क्षेत्र भी भूकंपीय गतिविधियों के प्रति संवेदनशील माना जाता है।

देश के कई हिस्सों में बढ़ी भूकंपीय गतिविधि

पिछले कुछ समय से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये इलाके भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन में आते हैं।

भूकंप क्यों आता है?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार गति करती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, खिसकती हैं या टूटती हैं, तो भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जिससे धरती में कंपन पैदा होता है और भूकंप आता है।

भूकंप के समय क्या करें?

  • घर या इमारत में हों तो सुरक्षित स्थान या खुली जगह की ओर जाएं

  • भारी वस्तुओं, खिड़कियों और दीवारों से दूरी बनाए रखें

  • बाहर हों तो बिजली के खंभों, पेड़ों और इमारतों से दूर रहें

  • अफरा-तफरी से बचें और सतर्क रहें