गर्मी से बचाव के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ पिएं: डॉ. राज कुमार, सिविल सर्जन

बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को लू लगने का अधिक खतरा: डॉ. राज कुमार

फाजिल्का, 21 मई  2025 ,FACT RECORDER

पंजाब सरकार के निर्देशानुसार और बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए सिविल सर्जन फाजिल्का डॉ. राज कुमार ने ज़िले के निवासियों के लिए लू से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी की है।

सिविल अस्पताल फाजिल्का के मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. अभिनव सचदेवा ने बताया कि यदि आंखों के सामने अंधेरा छा जाए, चक्कर आकर गिर जाएं, बेचैनी या घबराहट महसूस हो, हल्का या तेज़ बुखार हो, ज़रूरत से ज़्यादा प्यास लगे, सिर में तेज़ दर्द या उल्टियां हों, कमजोरी लगे, शरीर से पसीना न निकले और मांसपेशियों में दर्द हो — तो ये लू लगने के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में व्यक्ति को छांव में बिठाएं, ढीले कपड़े पहनाएं, तरल पदार्थ पिलाएं, ठंडे पानी की पट्टियां करें और यदि संभव हो तो ठंडे पानी से भरे बाथटब में लिटाएं। ओ.आर.एस. का घोल बनाकर पिलाना भी लाभकारी है।

उन्होंने बताया कि यदि बुखार 104–105 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक हो जाए, शरीर गर्म हो जाए लेकिन पसीना आना बंद हो जाए, त्वचा रूखी हो जाए, मरीज बेहोश हो जाए या अधिक घबराहट हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों से लेकर वयस्कों तक — मोटापे से पीड़ित लोग, हृदय रोगी, शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति और कुछ विशेष दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों को लू लगने का अधिक खतरा रहता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह खतरा और बढ़ जाता है।

नोडल अधिकारी डॉ. सुनीता कंबोज ने बताया कि लू के प्रभाव से बचने के लिए जब भी घर से बाहर निकलें, सूती और हल्के कपड़े पहनें तथा सिर को ढक कर रखें। पानी, लस्सी, ओ.आर.एस. जैसे तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें।

उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी में खाली पेट घर से बाहर न निकलें, ज्यादा मिर्च-मसाले वाला भोजन न करें और ए.सी. या कूलर वाले कमरे से अचानक धूप में बाहर न जाएं।

मास मीडिया अधिकारी विनोद खुराना ने ज़िले के निवासियों से अपील की कि लू से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं, अधिक समय घर के अंदर रहें, सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें।