22 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: हॉर्मोन शरीर के केमिकल मैसेंजर होते हैं, जो मूड, नींद, ऊर्जा, मेटाबॉलिज़्म, भूख, पीरियड्स और प्रजनन स्वास्थ्य जैसे कई महत्वपूर्ण कामों को नियंत्रित करते हैं। जब इन हॉर्मोन्स का स्तर जरूरत से ज्यादा या कम हो जाता है, तो इसे हॉर्मोनल इम्बैलेंस कहा जाता है। डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, हॉर्मोनल असंतुलन के शुरुआती संकेतों को पहचानना जरूरी है, वरना यह आगे चलकर वजन बढ़ने, अनियमित पीरियड्स, त्वचा संबंधी समस्याएं और मानसिक बदलाव का कारण बन सकता है।
हॉर्मोनल इम्बैलेंस के मुख्य कारण
– गलत लाइफस्टाइल, खराब खानपान और तनाव
– नींद की कमी, जंक फूड, हाई शुगर डाइट
– मोटापा, इनफ्लेमेशन और कम फिजिकल एक्टिविटी
– महिलाओं में PCOS, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज़
– थायरॉइड समस्याएं, दवाओं का अधिक इस्तेमाल
– पर्यावरणीय रसायन जैसे BPA
मुख्य लक्षण जिन पर ध्यान दें
– लगातार थकान रहना
– वजन का अचानक बढ़ना या घटना
– पीरियड्स अनियमित होना
– चेहरे पर पिंपल्स, बाल झड़ना या अनचाहे बाल
– मूड स्विंग्स, एंग्जायटी, डिप्रेशन
– भूख और नींद में बदलाव
– पाचन दिक्कत, सिरदर्द, चेहरे पर सूजन
कैसे करें बचाव?
– संतुलित आहार
– नियमित व्यायाम
– पर्याप्त नींद
– तनाव कम करने की आदतें
– अधिक पानी पिएं, शुगर कम करें
– हेल्दी रूटीन अपनाएं
यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच आवश्यक है।













